जनवरी ११, २०१९
१५ जनवरीसे आरम्भ होनेवाले कुंभ महापर्वकी तैयारियोंमें सम्मिलित सभी विभागोंने शुक्रवारको प्रयागराजमें अब तकका सबसे बडा मॉक ड्रिल किया । कुंभमें आनेवाले श्रद्धालुओं और सैलानियोंकी सुरक्षाके लिए अपनी तैयारियोंको परखनेके लिए विभागद्वारा किए गए इस मॉक ड्रिलमें उत्तर प्रदेश पुलिस आतंक निरोध दल, पैरामिलिट्री, भारतीय सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफके सैनिक सम्मिलित हुए ।
मॉक ड्रिलके समय एकाएक ही संगम घाट किनारे एक मंदिरपर विस्फोट हुआ और कई श्रद्धालु इसमें चोटिल हो गए । विस्फोटके तुरंत पश्चात नियन्त्रण केन्द्रको इसकी सूचना मिली और सबसे प्रथम मेलेमें तैनात ‘सिविल डिफेंस’के दल बचावके लिए पहुंची । आतंकी आक्रमणका समचार लगते ही उत्तरप्रदेश पुलिसके अधिकारी मंदिरके पास पहुंचे और चारों ओरसे घेराबंदी की ताकि आतंकियोंको भागनेका अवसर न मिले ।
पुलिसके साथ-साथ ‘एसडीआरएफ’के दल चोटिलोंके बचावमें लग गए और उन्हें रोगी-वाहिका (एम्बुलेंस) पहुंचाया । इधर, नियन्त्रण केन्द्रको समचार दिया गया कि यह कोई सामान्य विस्फोट नहीं था, वरन रसायन विस्फोट किया गया था, जिसकेद्वारा वहांकी हवामें विकिरण (रेडिएशन) फैलनेकी आशंका है । सूचना पाकर तत्काल प्रभावसे एनडीआरएफका विशेष दल वहांपर पहुंचा ।
एनडीआरएफका यह दल विकिरणोंसे निपटनेके लिए सामानसे पूर्णतया परिपूर्ण था और विस्फोटवाले स्थानपर जाता दिखाई दिया । इस रास्तेसे एक सैनिकने सबसे प्रथम हवामें पाउडर गिराकर हवाकी दिशा देखी और पीछेसे विकिरण नापनेकी मशीन लिए सैनिक आगे बढे और विकिरण लीक होनेवाले स्थानकी खोजमें जुट गए ।
कुछ ही समयमें विकिरणका केन्द्र ज्ञात कर लिया गया । विकिरणके चलते साधारण रूपसे चोटिल लोगोंको एनडीआरएफकी विशेष चिकित्सीय दल एक खास चलायमान चिकित्सालयमें ले गई ।
वहां उन्हें रसायनसे स्नान करवाया गया ताकि विकिरण स्वच्छ किया जा सके, तदोपरान्त आतंकियोंसे निपटनेके लिए ‘पैरामिलिट्री फोर्स’को बुलाया गया । ‘सीआईएसफ’के सैनिक आधुनिक शस्त्रोंसे परिपूर्ण होकर मंदिरमें छुपे आतंकीकी खोजके लिए आगे बढे और साथ ही क्षेत्रकी घेराबंदी आरम्भ की । कुछ ही समयके पश्चात सीआईएसफके सैनिकोंने पहले आतंकीको ढूंढ निकाला और उसे समर्पण करनेका आदेश दिया ।
पुलिसको ज्ञात हुआ कि इस विस्फोटमें कुल ३ आतंकी सम्मालित थे और वह सब मंदिरके क्षेत्रमें छुपे हो सकते हैं । कुछ ही देर में दूसरे आतंकी बन्दी बना लिया गया ! तीसरे आतंकीकी खोजके समय उत्तरप्रदेश पुलिसके आतंक निरोधी दलके विशेष कमांडो दलको भी बुलाया गया । सैनिकोंने एक-एक कोनेका अन्वेषण आरम्भ किया और थोडी देरमें इस विशेष दलने तीसरे आतंकीको भी खोज निकाला ।
स्रोत : आजतक
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