जनवरी १२, २०१९
अब लोकसभा मतदान होनेमें केवल ३ माह शेष हैं । ऐसेमें बुद्धिजीवी, चलचित्र जगत और विपक्ष असहिष्णुताके मुद्देको लेकर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं । विपक्षके नेता राहुल गांधी भी इसमें पीछे नहीं है ।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने भारतीय समुदायके लोगोंको सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘मुझे यह कहते हुए दुःख होता है कि घरपर (भारतमें) साढे चार वर्षोंसे असहिष्णुता है । आज भारत विभाजित हो चुका है, क्या एक विभाजित हुई क्रिकेट टीम खेल विजयी हो सकता है ? कभी नहीं ! विभाजित देश कैसे आगे बढ सकता है ?’
‘दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’में दिए गए राहुलके इस भाषणके क्या अर्थ थे ? ये समझसे परे है; क्योंकि मतदान भारतमें होनेवाले हैं, ना की दुबई या संयुक्त अरब अमीरात में । अपने देशकी समस्याओं का जिक्र वहाँ पर करना कहाँ तक उचित होगा, ये तो राहुल गांधी ही बता सकते हैं। अपने देश को ही असहिष्णु बता देने से एक बड़ा विदेशी पर्यटक वर्ग जो हर साल भारत आता है। वो भी भारत आने से पहले राहुल गांधी द्वारा कही गई बातें याद करेगा और वो दो बार सोचेगा की भारत जाएँ या नहीं क्योंकि वहाँ तो असहिष्णुता फैली हुई है।
“जब राहुल गांधी विदेशमें भारतकी असहिष्णुतापर ज्ञान दे रहे थे, ठीक उसी समय कांग्रेसके कार्यकर्ता/नेता पश्चिम बंगालमें सिनेमाघरमें तोड-फोड कर रहे थे ! राहुल गांधी देशके प्रधानमन्त्रीको आए दिन ‘चोर’ बोलते हैं, तत्पश्चात भी उनपर कोई कार्यवाही नहीं हुई ! राहुलको मादक पदार्थोंके प्रकरणमें फंसनेपर बचाया गया ! हम पूछना चाहते हैं कि राहुलको इससे अधिक सहिष्णुता कहां मिलेगी ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : इपोस्टममोर्टम
Leave a Reply