जनवरी १६, २०१९
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयके पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमारके विरुद्ध देहद्रोहके प्रकरणमें देहली पुलिसद्वारा आरोपपत्र (चार्जशीट) प्रविष्ट करनेके पश्चात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने सार्वजनिक रूपसे कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है । यह बात इसलिए उठ रही है क्योंकि २०१६ में कन्हैया कुमारकी गिरफ्तारीका विरोध कर रहे छात्रोंसे मिलने राहुल गांधी जेएनयू पहुंचे थे ।
वहीं, कन्हैया कुमारने देहली पुलिसद्वारा आरोपपत्र प्रविष्ट किए जानेपर इसे राजनीतिसे प्रेरित बताया है । कन्हैयाने इसके समयपर प्रश्न किया है । बता दें कि देहली पुलिसने कन्हैया कुमारके विरुद्ध प्रविष्ट आरोपपत्रमें दावा किया है कि देहद्रोहकी घटनाको किए जानेकी योजना बनाई जा रही थी । देहली पुलिसके अनुसार पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्यके मध्य भेजे गए ‘ईमेल्स’ और खालिद और तीन कश्मीरी छात्रोंके मध्य कथित वार्ता साक्ष्योंमें सम्मिलित है और यह द्रेशद्रोहके प्रकरणको सशक्त करता है ।
पुलिसने यह भी दावा किया है कि इससे सिद्ध होता है कि छात्र संसद हमलेके दोषी अफजल गुरुको फांसी दिए जानेकी स्मृतिमें देशद्रोहकी घटनाको करनेकी योजना बना रहे थे ।
“राहुल गांधीजी वस्तुतः मूल कांग्रेस संस्कृतिका ही पालन कर रहे हैं । तब उस समयके अनुसार आतंकियों व आतंकी समर्थकोंकी ओर बोल रहे थे और अब चूंकि वे चुनाव हेतु ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’की योजनापर चल रहे हैं तो वे मौन हैं । इससे ही प्रतिक्षण दल परिवर्तन करनेवाले राजनेताओंकी अवसरवादिताका बोध होता है और इसी अवसरवादिताको रोकने हेतु अब राजनीतिके पवित्रीकरणका समय निकट आ रहा है, जिसमें राजनेता केवल राष्ट्रप्रेमी होंगें, अवसरवादी नहीं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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