जनवरी १३, २०१९
जाति, नाम और धर्म परिवर्तितकर प्रेमके जालमें एक लडकीको फंसानेके आरोपीको भरनो थानाकी पुलिसने रविवार, १३ जनवरीको प्रातः बन्दी बना लिया । इस नामसे लडकीको अपने जालमें फंसाने और लव जिहादकी घटनाको अधीक्षक अश्विनी कुमार सिन्हाने गम्भीरतासे लिया और बसिया एसडीपीओ दीपक कुमारके नेतृत्वमें एक छापामार दलका गठन किया । छापामार दलने गुमलाके थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक राकेश कुमार, भरनो थाना प्रभारी मंदीप उरांव, सहायक अवर निरीक्षक बिपिन कुमारको सम्मिलित किया गया । एसपीने बताया कि प्रकरण प्रविष्ट होनेके २४ घंटेके भीतर आरोपी तौकीर आलमको बन्दी बना लिया गया । एसपीके अनुसार राजने भरनोकी एक लडकीको अपने भ्रमणभाषसे फोन किया था और निरन्तर वार्तालाप करने लगा । वह अपना नाम राज, जातिका नाम उरांव बताया । वार्ताके क्रममें दोनोंमें मित्रता हो गई । नौ जनवरीको दिनके १२ बजे जब युवती घरसे भरनो पहुंची तब तौकीर आलम उसके पास पहुंच गया और अपना नाम राज उरांव बताया । उसने मोटरसाइकिलसे लडकीको सिसई घुमानेके लिए कहा । वह लडकीको लेकर सिसईके रास्ते एक नहरके पास पहुंचा और उसके इच्छाके विरुद्ध दुष्कर्म किया । एसपीने बताया कि दुष्कर्मका यह चौथा प्रकरण है, जिसमें पुलिसने आरोपीको २४ घंटेके भीतर बन्दी बनाकर कारावास भेजा है ।
“हिन्दू माता-पिताद्वारा धर्मपालन न करनेके कारण बच्चे संस्कार व धर्मविहीन रहते हैं और इसीका लाभ धर्मान्ध जिहादके लिए करते हैं । युवा राष्ट्रकी शक्ति होते हैं और जब भारत माताके तेजस्वी पुत्र-पुत्रियां कामुकताकी राहपर चल केवल वासना तृप्तिको ही लक्ष्य मान लें तो अवश्य ही मूलतक जाकर परिवर्तन की आवश्यकता है और धर्मान्धोंका यह दुस्साहस केवल प्रशासन व हिन्दुओंके मौनके कारण है । इससे ही बोध होता है कि हिन्दुओंको आज धर्मशिक्षण दे, राष्ट्रप्रेम सीखानेकी कितनी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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