जनवरी १७, २०१९
देहलीके ख्याला क्षेत्रमें सामान्य कहासूनीके पश्चात हुए झगडेमें एक धर्मान्धने चापडसे एक ही परिवारके तीन लोगोंको चोटिल कर दिया, जिससे एक महिलाकी मृत्यु हो गई ! मृतकाका अभिज्ञान ३५ वर्षीय सुनीताके रूपमें हुआ है । सुनीतके पत्नी ४१ वर्षीय वीरू और १८ वर्षीय आकाश चोटिल हैं । दोनोंको चिकित्सालयमें प्रविष्ट किया गया है, जहां वीरूकी स्थिती गम्भीर बनी हुई है, जिसे डीडीयू चिकित्सालयमें प्रविष्ट किया गया है ।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधूप तिवारीने बताया कि वीरू अपने कुटुम्बके साथ ख्याला गुरूद्वारेवाली गली-५ में रहता है । परिवारमें वीरूके अतिरिक्त पत्नी सुनीता, आकाश और पुत्री नेहा है । वीरू और उसकी पत्नी निजी फैक्ट्रीमें काम करते हैं । १४ जनवरीको नेहा विद्यालयसे अपने घर लौटी थी, उसी समय नेहाकी बोतल घरकी छतसे गिर गई । जिस समय बोतल नीचे गिरी थी, उसी समय मौ. आजाद वहांसे जा रहा था, जिसे यह बोतल लग गई । बोतल लगनेके पश्चात मौ. आजाद और वीरूका झगडा हुआ था; परन्तु पडोसियोंने झगडेके पश्चात दोनोंका शांत करा दिया और दोनों अपने-अपने घर चले गए ।
१६ जनवरीकी शामको सुनीत अपने घरके लिए शाक लेनेके लिए गई थी । आते समय मौ. आजाद अपने घरके बाहर बैठा था । सुनीताको देखकर मौ. आजादने उसे बुलाया और उसके साथ दुर्व्यवहार करने लगा । महिलाने उसका विरोध किया और उसके पतिसे बात करनेके लिए बोला; परन्तु मौ. आजाद नहीं मना, जिसके पश्चात सुनीता अपने घर गई और उसने घरमें अपने पुत्र आकाशको सारी बात बताई । आकाश मौ. आजादके घर पहुंचा और वहां उससे अपनी मांसे झगडा करनेका विरोध किया, जिससे मौ. आजाद और आकाशके मध्य झगडा होने लगा ।
झगडेके मध्य मौ. आजाद अपने घरसे चापड लेकर आया और उसने आकाशको चापडसे चोटिल कर डाला । अपने पुत्रको चोटिल अवस्थामें देखकर सुनीता और वीरू भी वहां आ गए । मौ. आजादने दोनोंपर चापडसे प्रहार कर दिया । मौ. आजादने सुनीतापर लगभग ६ प्रहार किए, जिससे उसकी वहीं मृत्यु हो गई । जबकि आरोपीने चापडसे वीरूका पेट फाड दिया । वीरूके पडोसियोंने इसकी सूचना पुलिसको दी । सूचनाके पश्चात पहुंची पुलिसने तीनोंको चिकित्सालयमें प्रविष्ट किया, जहां सुनीताको मृत घोषित कर दिया ।
चोटिल वीरू और उसके पुत्र आकाशकी स्थिती गम्भीर बनी हुई है । आकाशको गुरू गोविंद सिंह चिकित्सालयमें प्रविष्ट किया गया है । जबकि गुरू गोविंद सिंह चिकित्सालयने स्थिति गम्भीर होनेके कारण वीरूको डीडीयू चिकित्सालयमें भेज दिया, जहां उसे अति दक्षता विभागमें (आईसीयू) रखा गया है । चिकित्सकोंका कहना है कि उसकी आंते काट दी गई है, जिससे उसकी स्थिति है !
“धर्मान्ध मोहम्मद आजादने पिता व पुत्रका पेट फाडकर आंते निकाल दी ! क्या ऐसा कृत्य किसी मनुष्यसे अपेक्षा की जा सकती है ? यह इस्लामकी मानसिकताका ही परिचायक है । धर्मान्धोंद्वारा आए दिन ऐसे कृत्योंके समाचार आते हैं तथापि इसे आपसी रंजिश बताकर दबा दिया जाता है । आपसी रंजिशमें कौन पेट फाडकर आंते निकालता है ? यह तो इस्लामिक विष है जो हिन्दूको देखते ही काफिरकी छवि बनाता है और उसे मौलवियोंके आदेशानुसार ऐसे कृत्यका आदेश देता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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