जनवरी २१, २०१९
सनातन विरोधी शक्तायां किसप्रकार धर्मान्तरणकी दुकानें चला रही हैं तथा सनातनके विरुद्घ षडयन्त्र कर रही हैं, यह उत्तर प्रदेशके कुशीनगर जनपदमें देखनेको मिला, जहां ईसाई मिशनरियां महिलाओंको आगेकर धर्मान्तरण करा रही थीं ! प्रकरण कुशीनगरके घोरठ गांवके पिपरा बुजुर्ग टोलेका है, जहां धर्म परिवर्तनकी सूचनापर हडकम्प मच गया । गांव वालोंने महराजगंजके निचलौलसे ईसाई धर्मके प्रचार-प्रसारके लिए आईं चार महिलाओंको पुलिसको सौंप दिया । पुलिस पिपरा बुजुर्ग गांवकी उस महिलाको भी साथ ले गई, जिसके घर ये महिलाएं धर्मका प्रचार कर रही थीं । सूचना मिलनेपर गांवमें ‘हियुवा’ नेता भी पहुंच गए ।
समाचारके अनुसार, रामकोला क्षेत्रके घोरठ गांवके पिपरा बुजुर्गकी शोभा देवीने परिवाद देकर बताया कि १७ जनवरीकी रात्रि निचलौलकी एक महिला अपने साथ तीन युवतियोंको लेकर आई । सभीने एक घरमें रुककर ईसाई धर्मका प्रचार आरम्भ कर दिया । उसने प्रचारके लिए बच्चोंको रुपयेका भी लालच दिया । उन्होंने बताया कि जब बच्चोंने उनकी बात नहीं मानी तो बच्चोंके साथ मारपीट की गई, जिसके पश्चात विद्रोह आरम्भ हो गया, तदोपरान्त गांवके ही किसीकी सूचनापर ‘हियुवा’ नेता अजय गोविंद राव शिशु, जिला महामन्त्री फूलबदन कुशवाहा, संजय राव आदि गांव पहुंच गए । साथ ही पुलिसको बुला लिया । पुलिसने पांचों महिलाओंको बन्दी बना लिया । एसओ राहुल कुमार सिंहके अनुसार चारों महिलाएं अपने धर्मका प्रचार करने आई थीं । थानेमें उनसे पूछताछ की जा रही है । उन्होंने कहा कि पूछताछके पश्चात उचित कार्यवाही की जाएगी ।
“हिन्दुवादी शासनके विदेशोंसे आनेवाले धनपर प्रतिबन्धके पश्चात भी मिशनरियां रूक नहीं रही हैं, इससे ज्ञात होता है कि इन्हें दण्डित किए बिना यह कुकर्म रूकनेवाला नहीं है; क्योंकि इन्हें किसीप्रकारका भय ही नहीं है और निधर्मियोंको परास्त करने हेतु प्रेम नहीं भयकी ही आवश्यकता होती है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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