अलवरमें तीन वासनान्ध धर्मान्धोंने किया १०वींकी बालिकासे दुष्कर्म !!


जनवरी २४, २०१९

 

अलवरके बडौदामेवमें विद्यालय जा रही १०वींकी १५ वर्षीया छात्राका अपहरणकर सामूहिक दुष्कर्मका प्रकरण सामने आया है । पुलिसने मुख्य आरोपीको बन्दी बना लिया है, जबकि दो आरोपी भागे हुए हैं ।

थानाधिकारी ताराचंद शर्माने बताया कि एक व्यक्तिने परिवाद प्रविष्ट कराई है कि उसकी भतीजी प्रातः बडौदामेवके विद्यालयमें गई थी; परन्तु संध्या ४ बजेतक घर नहीं आई । इसी मध्य उन्हें ज्ञात हुआ कि बालिका गांवके विद्यालयके पास खेतमें मूर्छित पडी हुई है । बुधवार, २३ जनवरीको प्रातः बालिकाको चेतना आई तो उसने परिजनोंकाे बताया कि प्रातः विद्यालय जाते समय तालीम खां व दो मित्रोंने उसे बलात मोटरसाइकिलपर बैठाया । वह चिल्लाई तो चाकू दिखाकर मारनेकी चेतावनी दी । इसके बाद खेतमें सामूहिक दुष्कर्म किया ।

उधर, घटनापर रामगढ विधानसभासे उपचुनावमें बसपा प्रत्याशी जगत सिंहका वक्तव्य आया है, जिसमें वे आरोपियोंके घरोंको जलानेकी चेतावनी देते दिख रहे हैं । वे कह रहे हैं कि पुलिसने आरोपियोंको बन्दी नहीं किया तो कल रात मैं गांवमें घुसकर जो करूंगा, उसका उत्तरदायी प्रशासन होगा ।

 

“क्या राजास्थानके कांग्रेस शासनसे वासनान्ध धर्मान्धोंके विरुद्घ कार्यवाहीकी आशा की जा सकती है ? धर्मान्धोंको अपने गांवोंमें घुसने देनेके यही दुष्परिणाम हैं; परन्तु हिन्दू इसपर कैसे विचार करेगा ? राजस्थानमें तो ऐसे ही हिन्दू गुर्जर, मीणा आदि-आदि बताकर विभक्त हो चुके हैं तो विभक्त हुए समाजसे संगठनकी अपेक्षा कैसे की जाए ? और अचम्भित करनेवाली बात यह है कि केन्द्रका हिन्दुवादी शासन भी दुष्कर्म जैसी घटनापर मृत्युदण्डका विधान नहीं बना पाया है ! ऐसेमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही एकमात्र विकल्प है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला

 



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