भारत-नेपाल सीमापर चिकित्साकी आडमें कराया धर्म परिवर्तन !!


जनवरी २८, २०१९

 

भारत-नेपालकी सीमापर धर्म परिवर्तनका प्रकरण सामने आनेके पश्चात प्रशासनमें हडकम्प मच गया । सीमासे सटे रुपईडीहा थानाके केवलपुरके मजरा रानीपुरवामें पुलिसने धर्म परिवर्तनके लिए प्रलोभन देनेवाले व्यक्तिके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट किया है । इससे पूर्व भी क्षेत्रमें धर्म परिवर्तनकी कई घटनाएं हो चुकी हैं । इंडो-नेपाल सीमापर ईसाई मिशनरीका एक गिरिजाघर है । वहींपर ‘प्रेम सेवा क्लिनिक’ नामका चिकित्सालय भी है, जहांपर स्थानीय निधन लोग उपचार कराने आते हैं ।

क्षेत्रके रानीपुरवा गांवके रहनेवाले रमेश गौतम अपनी पत्नी आरती देवीकी चिकित्सा करानेके लिए रुपईडीहाके प्रेम सेवा क्लिनिक लेकर गए थे । औषधालयमें पादरी धर्मेंद्रने उनसे कहा कि आरती देवीके एक नहीं कई प्रेत हैं । उन्होंने रमेशसे अपनी पत्नीको लेकर नेपाली गांव जैसपुर स्थित अपने घरपर ले आनेको कहा । पादरीने कहा कि वह उनके लिए प्रभु यीशुसे प्रार्थना करेंगें । रमेश जब अपने परिवारके साथ उनके घर पहुंचा तो उन्होंने कहा कि वह अब किसी देवी-देवताकी पूजा नहीं करेगा । उन्होंने उसे केवल यीशुकी अराधना करनेको कहा ।

पादरीने कहा इससे तुम्हारी पत्नी ठीक हो जाएगी । पादरीके बहकावेमें आकर रमेशने अपनी पत्नीके अतिरिक्त मां अनीता देवी, पिता लक्ष्मण तथा अपने बच्चोंके साथ ईसाई धर्म अपना लिया । उसने अपने घरसे सभी देवी-देवताओंकी प्रतिमाएं हटा दीं । गांवके लोगोंको जब इस बातकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिसको सूचित किया । गांव वालोंका कहना है कि पादरीके सम्पर्कमें आनेके पश्चात ही ईसाई रीतिसे प्रार्थना करने लगा है । एएसपी रवींद्र सिंहने बताया कि आरोपी पादरी धर्मेंद्रके विरुद्घ अभियोग प्रविष्टकर जांच आरम्भ कर दी गई है ।

 

“प्रेम सेवा क्लीनिकके नामपर जो अधर्मका व्यापार हो रहा है, उसके लिए धन कहांसे आ रहा है, प्रशासन उसपर जांचकर कार्यवाही करें । ईसाईयोंने पाखण्डके प्रचारके लिए विविध माध्यम खोल लिए हैं, जो प्रत्येक राज्यमें फैल चुके हैं । सामाजिक जालस्थलपर आए दिन इस पाखण्डके वीडियों प्रसारित होते रहते हैं और चूंकि इससे सबसे तीव्र गतिसे धर्मान्तरण होता है, प्रशासन इन सभी तथाकथित प्रार्थना स्थलोंपर प्रतिबन्ध लगाए; क्योंकि ये धर्मान्तरणके साथ-साथ राष्ट्रविरोधी गतिविधियोंमें भी सम्मिलित रहते हैं ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution