जनवरी ३०, २०१९
तेलंगानासे एक रोचक और हास्यास्पद समाचार सामने आया है । मतदानमें पराजित होनेके पश्चात महिला उम्मीदवारका पति मतदानसे पूर्व वितरण किए पैसे लेने गांववालोंके पास पहुंच गया !
प्रकरण तेलंगानाके सूर्यपेठ जनपदके जजीरेड्डी गांवका है । २५ जनवरीको यहां सरपंचका मतदान था । प्रभाकरकी पत्नी उप्पू हैमवती भी मतदानमें खडी हुई थी । उनके गांवके २६९ मेंसे मात्र २४ मत मिले । दम्पत्तिने गांव वालोंको मत डालनेके लिए ५००-७०० रुपये दिए थे । अब पराजित होनेके पश्चात प्रभाकर गांवमें घूम-घूम कर लोगोसे पैसा वापस मांग रहा है । वह लोगोसे लडाई-झगडा भी कर रहा है, जिसका वीडियो प्रसारित हो चुका है ।
“यह इस लोकतन्त्रका एक कटु सत्य है । सरपंचके पास ५०० देनेको थे तो उसने ५०० दिए । राजनेता मतदानसे पूर्व लोगोंको मद्यकी बोतल, धन, वाहन आदि देते हैं । गत दिवसोंमें एक समाचार आया था कि तेलांगनामें ब्राह्मणोंको कार वितरण की जा रही हैं ! उसीप्रकार नेतागण आरक्षण व अन्य सुविधाओंका लोभ देकर मत आकर्षित करते हैं । पिछले माह एडीआरके सर्वेक्षणमें भी यह सामने आया था कि राजनीतिक दलोंने मतदानमें अन्धाधुन्ध धनका दुरूपयोग किया है ! इससे यह ज्ञात होता है कि राजनीतिकी एक-एक नसमें भ्रष्टाचार आ चुका है और न ही यह स्वार्थी जनता नेता चयन करने योग्य है और न ही चयनित नेता शासन करने योग्य और वर्तमान लोकतान्त्रिक व्यवस्थासे इसमें परिवर्तन भी नहीं आ सकता है, यह कुछ वर्ष पूर्व लोकपालके आन्दोलनसे उत्पन्न ‘आप’से देखा जा सकता है; अतः अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही एकमात्र पर्याय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ईपोस्टमोर्टम
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