जनवरी १, २०१९
बुधवार, ३० जनवरीको पाकिस्तान अधिकृत कश्मीरके (पीओके) मुजफ्फराबादमें प्रदर्शनकारी छात्रोंको तितर-बितर करनेके लिए पुलिसके लाठीचार्ज और आंसू गैसके गोलोंसे कई लोग गम्भीर रूपसे चोटिल हो गए । ‘आजाद जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय’के सहस्रों छात्र मुजफ्फराबादमें पार्किंग स्थलोंका प्रावधान न होनेको लेकर प्रदर्शन कर रहे थे ।
प्रदर्शन कर रहे छात्र सडकोंपर उतर आए, जिसके कारण यातायात ठप्प हो गया । जब प्रदर्शनकारियोंने सडकसे हटनेसे मना कर दिया, तब पुलिसने उन्हें खदेडनेके लिए बल प्रयोगका आश्रय लिया । पुलिसने प्रदर्शनकारी छात्रोंपर आंसू गैसके गोले छोडे, इसके पश्चात लोगोंको विश्वविद्यालय परिसरसे पीछे हटना पडा । इसके पश्चात छात्रोंने पुलिसके विरूद्ध उद्घोष आरम्भ कर दिए और उन्हें ‘आतंकवादी’ तक कहा !!
पाकिस्तानके अधिकारवाले कश्मीरमें लोगोंको कई परेशानियोंका सामना करना पडता है । पुलिस और सेनाद्वारा यहां लोगोंपर कई यातनाएं की जाती है, जिसे लेकर विरोधके स्वर उठते रहते हैं । यद्यपि, पाक सदैव ऐसे आरोपोंसे मना करता रहा है ।
“हिन्दुस्तानके वे सभी राष्ट्रद्रोही, जो पाकिस्तानका राग अलापते हैं, उन्हें यह देखना चाहिए । भारत ऐसे कई राष्ट्रद्रोहियोंको आश्रय दिए है, जो यहांकी सभी सुविधाओंका बैठे-बैठे लाभ लेकर भारत विरुद्घ विष उगलते हैं । ऐसे सभी राष्ट्रद्रोहियोंको पाकिस्तान ही भेजना चाहिए, जिससे उन्हें ज्ञात हो कि वास्तविकता क्या है ? जब उन्हें ज्ञात होगा कि पीओकेमें रहनेवाले छात्रोंने पाक पुलिसकर्मियों और सेनाको आतंकवादी क्यों कहा ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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