बंगालकी रैलीमें उमडी भीड हिन्दुओंके त्रस्त होनाका प्रमाण, प्रधानमन्त्रीने ममता बैनर्जीसे पूछे कटु प्रश्न !


जनवरी २, २०१९


बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाहके पश्चात पश्चिम बंगालकी यात्रापर पहुंचे प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने शनिवार, २ जनवरीको राज्‍यकी ममता बनर्जी शासनको कोसा । भीड देख गदगद हुए प्रधानमन्त्री मोदीने कहा कि आजकी रैलीका दृश्य देखकर उन्‍हें यह समझ आ गया है कि दीदी हिंसापर क्यों उतर आई हैं ? उन्‍होंने कहा कि हमारे प्रति बंगालकी जनताके प्रेमसे भयभीत होकर लोकतन्त्रके बचावका नाटक करनेवाले लोग निर्दोष लोगोंकी हत्या करनेपर लगे हुए हैं । प्रधानमन्त्रीकी रैलीमें भीड इतनी अधिक थी कि भगदड जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई । इसके पश्चात उन्‍होंने मात्र १४ मिनटमें अपना भाषण समाप्‍त कर दिया ।

पीएम मोदी जब भाषण दे रहे थे उस समय भारी भीडके कारण कई लोग एक-दूसरेके साथ धक्‍का-मुक्‍की करने लगे । इसके पश्चात मोदीने उन्‍हें धक्‍का-मुक्‍की नहीं करनेके लिए कहा । उन्‍होंने कहा कि कार्यकर्ताओंके उत्‍साह से यह स्थान अल्प पड गया और मैदान छोटा पड गया । इससे लोगोंको असुविधा हो रही है । आप लोग धक्‍का-मुक्‍की न करें ।


ठाकुर नगरमें जनसभाको सम्बोधित करते हुए मोदीने कहा, ‘यह देशका दुर्भाग्य रहा कि स्वतन्त्रताके पश्चात भी अनेक दशकोंतक गांवोंकी स्थितिपर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना देना चाहिए था । यहां पश्चिम बंगालमें तो स्थिति और भी विकट है । जो बीत गया सो बीत गया । नूतन भारत इस स्थितिमें नहीं रह सकता है । साढे चार वर्षोंसे केन्द्र शासन इस स्थितिको परिवर्तित करनेका प्रयास कर रहा है ।’

प्रधानमन्त्रीने कहा कि मुख्यमन्त्री रहते हुए मुझसे इतनीबार पूछताछ हुई, जांच बैठाइ गई तो दीदी जांचसे क्यों भयभीत है ? कल ऐतिहासिक बजटमें प्रथमबार किसानों और कामगारोंके लिए विशाल योजनाओंकी घोषणा की गई । बजटमें जिन योजनाओंकी घोषणा की गई है, उनसे देशके १२ कोट्यावधि किसान परिवारोंको, ४० कोटि श्रमिकों और ३ कोट्यावधि मध्यम वर्गके परिवारोंको सीधा लाभ मिलेगा ।’

 

“दीदी भयभीत है; क्योंकि उन्हें उनकेद्वारा किया एक-एक कुकृत्य स्मरण है और हिन्दू कैसे भूल सकते हैं कि सन्तोंकी धरा बंगालको आतंक भूमि बनानेवाली मात्र यहीं हैं और अब वहां हिन्दुओंकी स्थिति इतनी दयनीय है कि जनमानस अब दीदीसे छुटकारा चाहता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : नभाटा



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