जनवरी ३, २०१९
रविवार, ३ फरवरीको, ‘यूथ फॉर सोशल मीडिया डेमोक्रेसी’के सदस्योंने ट्विटर और फेसबुकपर कथित पक्षपाती विचारधारा होनेका आरोप लगाते हुए अपना विरोध प्रकट किया । प्रदर्शनकारियोंने ट्विटरके कार्यालयके बाहर विरोध प्रदर्शन किया ।
प्रदर्शनकारियोंके अनुसार गत कुछ माहमें ट्विटर और फेसबुकने व्यवस्थित रूपसे ऐसे व्यक्तियोंकी ‘बोलनेकी स्वतन्त्रता’पर रोक लगानेका प्रयास किया है, जो हिन्दुवादी विचारधाराके होते हैं । उनका कहना है कि ट्विटर और फेसबुकने ऐसे खातेको निलम्बित करके, उनको ‘ट्रेंड लिस्ट”में पहुंचनेसे भी रोका है ।
उनका कहना है कि ये माध्यम वामपन्थी विचारधारावाले और कांग्रेसके वरिष्ठ नेताओंके अपमानजनक, अभद्र और चेतावनी भरे ट्वीटकी अनदेखी कर रहा है । इसके अतिरिक्त, कुछके द्वारा फेक समाचार प्रसारित करनेके पश्चात भी उन्हें ‘वैरिफाइड’ कर रहा है ।
प्रदर्शनकारियोंका कहना है कि चुनावी वर्षमें किसी एक दलके पक्षमें ऐसी पक्षपाती कार्यवाहीसे चुनाव प्रभावित हो सकते हैं ।
“सामाजिक जालस्थलोंका हिन्दुवादी विचारधाराको प्रतिबन्ध करना और अहिन्दुओंके विष वमनको चलने देना यह प्रदर्शित करता है कि हिन्दुओंके विरुद्घ केवल राष्ट्रीय ही नहीं वरन अन्तर्राष्ट्रीय षडयन्त्र हो रहा है, जिसे लोगोंको त्वरित स्वीकार करना होगा और प्रसारके भिन्न माध्यम खोजने होंगें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : फर्स्टपोस्ट
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