जनवरी ६, २०१९
पहली बार गोहत्याके प्रकरणमें ३ आरोपियों नदीम, शकील और आजमपर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’के (एनएसए) अन्तर्गत कार्यवाही की गई है । आरोपियोंपर कुछ दिवस पूर्व खण्डवा जनपदमें गोहत्या करनेका आरोप है । कॉन्ग्रेस शासन आनेके पश्चात इसप्रकारकी यह प्रथम कार्यवाही सामने आई है ।
इस बारेमें पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणाने बताया कि गोहत्याके पश्चात खण्डवामें तनाव फैल गया था, जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव बिगडनेकी स्थिति बन गई थी । पुलिसने आरोपियोंपर ‘गो-हत्या निषेध अधिनियम’की ‘धारा-४, ६, ९’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है । पुलिस अधीक्षककी कहनेपर जिलाधिकारीने रासुका (एनएसए) लगानेकी स्वीकृति दी, जो लम्बी अवधिके लिए बन्दी रखनेकी अनुमति देता है ।
एसपी बहुगुणाके अनुसार, “एनएसएके अन्तर्गत स्वीकृति मिलनेके पश्चात, गोहत्याके प्रकरणमें नदीम, शकील और आजमपर एनएसएकी कार्यवाही की गई है । इनमें नदीम अपराधी है, इसके पूर्व भी वह कई आपराधिक घटनाएं कर चुका है । वहीं, आरोपी शकील और आजमको प्रथमबार बन्दी बनाया गया है ।”
खंडवामें मोघाटके खारकैली गांवमें कुछ दिवस पूर्व तैयब नामके व्यक्तिने गाय चोरी होनेकी परिवाद पुलिसको की थी । इसके पश्चात जब पुलिसने छानबीन की तो नर्सरी विद्यालयके पीछे वीरान क्षेत्रमें गो हत्याकी बात सामने आई ।
“जब मध्यप्रदेशके कांग्रेसी मुख्यमन्त्री यह साहस दिखा सकते हैं तो अन्य राज्योंके भाजपा शासन यह कार्यवाही क्यों नहीं कर सकते ? पांच वर्षोंमें गायको राष्ट्रीय पशु न घोषित किया जाना गायके प्रति असंवेदनशीलताको ही प्रदर्शित करता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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