फरवरी १२, २०१९
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयमें ओवैसीके आगमनके विरोधको लेकर हुए विवादमें छात्रोंके दो गुट आमने-सामने आ गए । पुलिसके काफी देर रोकनेके पश्चात भी नहीं मानें । सरिया, बेल्ट और रॉड चलें और एक ओरसे गोलीबारी भी हुई । कुछ वाहनोंको निशाने बनाते हुए ‘एएमयू’ छात्रोंने उसपर सरिए व लोहेकी छडें बरसाई ! दूसरे गुटके छात्रोंको दौडा-दौडाकर पीटा । इसमें एक छात्र नेता सहित कई चोटिल हो गए । छात्र नेताको ‘वरुण ट्रामा’में प्रविष्ट कराया है, जबकि ग्रामीण युवकको दूसरे चिकित्सालयमें । एकाएक हुए विरोधसे राहगीरोंमें भी अफरा-तफरी मच गई । भाग रहे लोगोंको भी पीटनेसे नहीं छोडा । पुलिसने छात्रोंको सर्किलसे ‘एएमयू’ कुलसचिव कार्यालयके द्वारतक पहुंचाया ।
सूचना मिलते ही ‘पीएसी’, ‘आरएएफ’के साथ कई थानोंका पुलिसबल पहुंच गया । पुलिसने कठिन स्थितिपर नियन्त्रण पाया । सन्ध्यातक छात्रोंका गुट एकत्र रहा । मंगलवारको ‘एएमयू’ छात्र संगठनने मुस्लिम राजनीतिक दलोंके नेताओंको एएमयूमें बुलाया था, इसका उद्देश्य था गठबंधन व कांग्रेससे पृथक मुस्लिम फ्रंट सज्ज करके अपने प्रत्याशी उतारना । इसमें ‘एआईएमआईएम’ अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसीको भी बुलाया था । ओवैसीके आगमनको लेकर छात्रनेता अजय सिंहके गुटने विरोध प्रविष्ट कराया था । इसीके चलते अपने समर्थकोंके साथ रजिस्ट्रार कार्यालयके द्वारपर धरना देनेके लिए बैठे थे ।
इसके साथ ही यह आरोप था कि छात्रके एक दलने उनके साथीसे ‘प्रॉक्टर’ कार्यालयमें मारपीट की है और मारनेकी चेतावनी दी है । दोनोंको लेकर धरनेपर बैठनेके कुछ समय पश्चात ही एएमयू छात्रोंका दूसरा गुट भी वहां पहुंच गया । छात्रोंके टकरावको पुलिस व प्रॉक्टरोरियल बोर्डने कठिनाईसे छात्रोंको रोक दिया । प्रकरण बिगडनेपर पुलिसने सुरक्षा घेरा बनाकर अजय सिंह गुटको वहांसे निकालकर सर्किलतक पहुंचा दिया । पुलिस सर्किलका सुरक्षा घेरा सशक्त कर ही रही थी कि एकाएक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारपर खडे छात्रोंका गुट सर्किलकी ओर दौड पडा और जो सामने आया उसे रॉड, सरिया और बेल्टसे लक्ष्य बना दिया । चारबार गोलीबारी की गई । क्रोधित छात्रोंने सर्किलके आस-पाससे गुजर रहे कुछ वाहनोंको भी तोडनेका प्रयास किया । छात्रोंने कलक्ट्रेट दिशामें दौडे दूसरे गुटके छात्रोंको दौडा-दौडाकर पीटा । इसमें छात्र नेता अजय सिंहको चोटें लगी हैं, वहीं अपने किसी कामसे आए चंडौस निवासी मनोज कुमारको भी छात्रोंने जमकर पीटा । उसके सिर व शरीरके कई स्थानपर चोटें लगी हैं । दोनोंको चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया है । स्थिति बिगडती देखकर पुलिस अधिकारियोंके भी होश उड गए । छात्रोंको समझानेमें लगे पुलिस अधिकारियोंसे भी खींचतान हो गई । कठिनाईसे छात्रोंके क्रोधित गुटको खदेडकर पुलिसने कुलसचिव (रजिस्ट्रार) कार्यालयतक पहुंचाया । यहां काफी समयतक प्रतीक्षा करनेके पश्चात छात्रोंने कुलसचिव कार्यालयमें भी आगजनी की । सूचना मिलते ही कई थानोंका रक्षाबल, ‘आरएएफ’, ‘पीएसी’के अतिरिक्त एसपी सिटी आशुतोष द्विवेद्वी भी वहां पहुंच गए । एएमयू सर्किलको घेर लिया । किसीको भी आने जानेपर प्रतिबन्ध लगा दिया । एएमयूमें अजय सिंह गुटपर हुए आक्रमण व सर्किलसे जा रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधीके वाहनपर आक्रमणके विरोधमें भाजपाइयोंमें आक्रोश भडक गया । युवा मोर्चाकी नगराध्यक्ष निखिल माहेश्वरी अपनी कार्यकारिणीके साथ पार्टीके दूसरे नेताओंने सिविल लाइन थानेका घेराव किया ।
“विश्वविद्यालय है अथवा आतंकका अड्डा ? एएमयू सदृश विश्वविद्यालय शिक्षाको छोडकर सबकुछ करते हैं । शिक्षाको छोडकर सब बातोंकी इन्हें चिन्ता है कि कौनसा आतंकी मरा और कौनसा नेताने क्या कहा ? जब ऐसे विद्यार्थियोंका शिक्षासे कोई लेना-देना ही नहीं तो शासन क्यों ऐसे शिक्षा संस्थानोंको धन देकर राष्ट्रकी हानि कर रहा है ? ऐसे विद्यार्थियोंको कोई सहायता अथवा आरक्षण त्वरित बन्द होना चाहिए और इनके स्थानपर योग्य छात्रोंको प्रदान करना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : फर्स्टपोस्ट
Leave a Reply