फरवरी १४, २०१९
जम्मू-कश्मीर पुलवामा जनपदमें गुरुवार सन्ध्याको हुए एक बडे आतंकी आक्रमणमें ‘सीआरपीएफ’के ४० सैनिक हुतात्मा हो गए हैं । उरीमें सितम्बर २०१६ में हुए आतंकी आक्रमणके पश्चात कश्मीरमें यह सुरक्षाबलोंपर अब तकका सबसे बडा आतंकी आक्रयण है । गुरुवार, १४ फरवरीको श्रीनगर-जम्मू राजमार्गपर स्थित अवंतिपोरा क्षेत्रमें आतंकियोंने ‘सीआरपीएफ’के एक दलको लक्ष्य बनाया । इस प्रकरणके पश्चात दक्षिण कश्मीरके कई क्षेत्रोंमें सुरक्षा विभागोंद्वारा चेतावनी जारी की गई है ।
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मदने इसका उत्तरदायित्व लिया है । बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नामके आतंकीने इस दलपर आक्रमणका षडयन्त्र रचा था ।
समाचार विभाग ‘पीटीआई’के अनुसार विस्फोटकोंसे भरा एक वाहन लेकर आए ‘जैश-ए-मोहम्मद’के आतंकी आदिलने ‘सीआरपीएफ’ सैनिकोंके दलकी बसमें टक्कर मार दी । बताया जा रहा है कि जिस बसको आतंकियोंने लक्ष्य बनाया, उसमें ३९ सैनिक थे । आत्मघाती आदिल २०१८ में जैशमें सम्मिलात हुआ था ।
बताया जा रहा है कि आक्रमणमें चोटिल २० से अधिक सैनिकोंकी चिकित्सा की जा रही है । इनमेंसे कई सैनिकोंकी स्थिति गम्भीर बताई जा रही है । जिस दलपर यह आक्रमण हुआ, वह जम्मूसे श्रीनगरकी ओर जा रहा था और इसमें २ सहस्रसे अधिक सैनिक थे और ७० वाहन सम्मिलित थें । इन्हींमेंसे एक गाडी आतंकियोंके लक्ष्यपर थी ।
इसकी जानकारी मिलनेके पश्चात तत्काल पुलवामामें उपस्थित सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और ‘सीआरपीएफ’की अन्य दलोंको अवंतिपोरा भेजा गया । इसके पश्चात सेनाने जम्मू-श्रीनगर हाइवेपर ट्रैफिक बंद करते हुए अवंतिपोरा और आसपासके क्षेत्रोंमें बडा अन्वेषण अभियान आरम्भ किया है । इसके अतिरिक्त पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगरमें उच्चस्तरीय चेतावनी जारी की गई है ।
“अल्लाहके इस्लामिक विषकारी मानसिकतावाले पाकिस्तानी शान्तिदूतोंको अब पाठ पढानेका समय आ गया है और इतना बडा आक्रमण देशमें बैठे धोखेबाजोंके बिना सम्भव नहीं है ! कोई यहां आतंकियोंको अपना बच्चा बताता है, कोई अपने लोग; अब वे नेता मौन साधे बैठे है ! भारत शासन पाकिस्तानी आतंकियों और देशमें बैठे धोखेबाजोंके विरुद्घ कोई कडा पग उठाए, यह सभी राष्ट्रवादियोंकी मांग है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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