फरवरी १४, २०१९
देहलीके मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालने बुधवार, १३ फरवरीको कहा कि लोगोंने १२वीं कक्षा पास व्यक्तिको देशका प्रधानमन्त्री बनाया है; परन्तु उन्हें २०१९ में अपनी चूकको दोहराना नहीं चाहिए । मोदीपर राफेल लडाकू विमान सौदेमें भ्रष्टाचारमें सम्मिलित होनेका भी आरोप लगाया ।
केजरीवालने मोदीकी शैक्षिक योग्यतापर उठे प्रश्नोंके सन्दर्भमें कहा, “पिछली बार आपने १२वीं पास व्यक्तिको देशका प्रधानमन्त्री बनाया । इस बार यह चूक मत करना और किसी शिक्षितको ढूंढिए; क्योंकि १२वीं कक्षा पास व्यक्तिको यह समझ नहीं होती कि वह अपने हस्ताक्षर कहां कर रहा है ।” ममता बनर्जी, शरद पवार, चन्द्रबाबू नायडू सहित विपक्षी नेताओंकी उपस्थितिमें ‘तानाशाही हटाओ, लोकतन्त्र बचाओ’ रैलीमें केजरीवालने कहा कि उनकी प्रदर्शन रैली मोदी शासनको उखाड फेंकेगी ।
उन्होंने कहा, “यह धरना उसीप्रकारसे मोदी शासनको उखाड फेंकेगा जैसे १४ अप्रैल २०११ को जंतर-मंतरपर ऐतिहासिक भ्रष्टाचार रोधी आन्दोलनके पश्चात देशसे तत्कालीन (कांग्रेस नीत यूपीए) शासनको हटाया था ।” मोदी शासनपर अधिक मूल्यपर राफेल विमान क्रय करनेका आरोप लगाते हुए केजरीवालने कहा कि मूल्यमें वृद्धिके लिए प्रधानमन्त्री सीधे रूपसे उत्तरदायी हैं । रक्षा मन्त्रालयकी फाइलके कथित कागदको लहराते हुए केजरीवालने कहा, “नरेंद्र मोदीने स्वयं राफेलकी कंपनीसे बात की ।”
केजरीवालने कहा कि राफेलसे जुडा सत्य यदि बाहर आता है तो प्रधानमन्त्रीको त्यागपत्र देना पडेगा । उन्होंने आरोप लगाया, “देशके प्रधानमन्त्रीके लिए क्या यह उचित है कि वह एक कम्पनीसे विमानके मूल्यके लिए वार्ता करें । इसने अब सिद्ध कर दिया है कि मोदी राफेलमें हुए भ्रष्टाचारमें सम्मिलित हैं ।”
“यदि तथाकथित शिक्षीत आतंकी समर्थक और १२ पास अंगूठाछाप राष्ट्रहितकी बातें करता है तो इस देशको शिक्षित आतंकीकी नहीं वरन १२ पास अंगूठाछापकी आवयकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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