फरवरी १५, २०१९
जम्मू-कश्मीरके पुलवामामें केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बलके (सीआरपीएफके) सैनिकोंपर हुए आक्रमणके पश्चात राज्यकी यात्रापर पहुंचे गृहमन्त्री राजनाथ सिंहने यहां एक उच्च स्तरीय बैठकमें भाग लिया । इस बैठकके पश्चात श्रीनगरमें गृहमन्त्रीने संकेतोंमें हुर्रियतके कट्टरपन्थी दलके पृथकतावादी (अलगाववादी) नेताओंकी सुरक्षाकी समीक्षाकी बात कही है । राजनाथने कहा कि घाटीमें सुरक्षा व्यवस्थाकी समीक्षा की गई है और सुरक्षाबलोंको आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं । गृहमन्त्रीने यह भी कहा कि सुरक्षाबलोंके आवागमनके समय राजमार्गपर यातायात प्रतिबन्धित किया जाएगा ।
राजनाथने कहा, “जम्मू-कश्मीरमें कुछ ऐसे तत्त्व हैं, जो सीमापारसे आतंक प्रसारित करनेवाले लोगों और ‘आईएसआई’से मिले हुए हैं । मैंने राज्यके प्रशासनसे कहा है कि ऐसे लोग जो पाक और आईएसआईसे धन लेनेवाले हैं, उनको दी गई सुरक्षाकी समीक्षा कराई जाए ।” पत्रकारोंसे वार्ताके समय उन्होंने कहा कि शासन सीमा पारसे जम्मू-कश्मीरमें आतंक फैलानेवाले लोगोंको कभी सफल नहीं होने देगा !
“यह विचित्र है कि शक्ति होते हुए भी अभीतक पृथकतावादियोंपर कार्यवाही क्यों नहीं की गई ? क्या सैनिकोंके मरनेपर ही कार्यवाही की जाएगी ! जब यह सर्वविदित है कि मस्जिदें, पृथकतावादी पाकिस्तानसे धन लेकर कार्य कर रहे हैं तो क्यों कार्यवाही न करके हम आत्महत्या करना चाहते हैं ? और क्या इन आतंकी समर्थकोंको गृहमन्त्रीकी संकेतोंकी भाषा समझ आएगी ? जो खुलेमें आतंकका समर्थन करते हैं, उन्हें संकेत नहीं, सार्वजनिक दण्ड देनेकी आवश्यकता है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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