फरवरी १५, २०१९
जम्मू कश्मीरके पुलवामा आक्रमणमें बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामीने अपने ही शासनपर लक्ष्य साधा है । उन्होंने कहा कि पुलवामामें सैनिकोंका नरसंहार २०१४ में शासनके एक आदेशके कारण हुआ है । उन्होंने ‘ट्वीट’ करते हुए लिखा कि पहले शासनने एक आदेश दिया था कि किसी भी वाहनको किसी भी जांचके लिए रोका नहीं जाए ! यह आदेश इसलिए आया; क्योंकि कुछ सैनिकोंने एक मारुति कारपर गोलीबारी कर दी थी । इसके पश्चात सैनिकोंपर अभियोग भी चला था और आज भी वे कारावासमें हैं !!
उल्लेखनीय है कि ३ नवम्बर, २०१४ को बडगाममें ५३, राष्ट्रीय राइफल्सके सैनिकोंने एक सफेद मारुति वाहनपर गोलीबारी कर दी थी । सैनिकोंने गोलीबारी इस कारणसे की थी; क्योंकि वाहन इससे पूर्व दो जांच चौंकियोंको पार कर चुका था । सैनिकोंको आतंकियोंके होनेका संदेह हुआ, जिसके पश्चात उन्होंने गोलीबारी कर दी, जिसमें २ किशोर मारे गए थे ।
यद्यपि, बादमें ज्ञात हुआ कि वाहनमें बैठे पांच किशोर मुहर्रमसे लौट रहे थे । इसको लेकर १४ सैनिकोंकी जांच की गई और इसमेंसे चारको दोषी पाया गया ! इस पूरे प्रकरणको लेकर कश्मीरमें काफी उपद्रव भी हुआ था ।
“वाहन नाकेपर नहीं रूका था तो गोलीबारी करना उचित पग था; क्योंकि ऐसा कृत्य आतंकी ही कर सकते हैं और ऐसे संवेदनशील प्रकरणमें अधिक विचार करना हानिकारक हो सकता है तो सैनिकोंपर अभियोग चलाकर उहें कारावासमें डालना कदापि उचित नहीं था ! और यदि हुआ भी तो एक प्रकरणके होनेपर सभी वाहनोंको जांचके लिए न रोकना यह तो अवश्य ही मूर्खतापूर्ण व आत्मघाती पग था ! जब हम स्वयं ही ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णय लेंगें तो किस बलपर आतंकवाद रोकनेका दम भरते हैं ? यह एक लज्जाजनक स्थिति है, जिससे हमें बोध लेना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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