फरवरी १७, २०१९
पुलवामामें ‘सीआरपीएफ’के दलपर हुए आतंकी आक्रमणको लेकर कई विवरणमें कहा जा रहा था कि सेनाने हवाई यात्राकी अनुमति मांगी थी । इसपर गृह मन्त्रालयने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ऐसी सभी बात़े निराधार हैं और ‘सीआरपीएफ’ने हवाई यात्राकी अनुमति मांगी ही नहीं थी ! गृह मन्त्रालयने इस सम्बन्धमें समाचारोंका खण्डन करते हुए कहा है कि ‘सीआरपीएफ’ श्रीनगर-जम्मूके मध्य हवाई यात्राकी मांग नहीं की थी।
उल्लेखनीय है कि कुछ समाचार माध्यमोंमें कहा गया था कि गुप्तचर सूत्रोंने सीआरपीएफके आवागमनके समय आतंकी आक्रमणकी आशंका प्रकट की थी । इसपर ‘सीआरपीएफ’ने हवाई यात्राकी मांग की थी, जिसे गृह मन्त्रालयने नकार दिया था ।
इस मध्य ‘सीआरपीएफ’ने भी अधिसूचना जारी करते हुए ऐसी कई समाचारोंको आधारहीन बताया है, जिसमें कश्मीरी छात्रोंको पीटनेकी बात कही जा रही थी ।
“यदि यह समाचार आधारहीन था तो क्या उन समाचार माध्यमोंपर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए, जिन्होंनें यह निराधार बातें फैलाई ? क्या स्वतन्त्रताके नामपर कुछ भी समाचार बनाकर परोसा जा सकता है ? उस समाचारमें ‘सीआरपीएफ’के ही एक अधिकारीका बिना नाम बताए सन्दर्भ लिया गया था और अब यहां गृहमन्त्रालय ही इसे आधारहीन बता रहा है !! यह सब विचित्र ही है; परन्तु इतना तो स्पष्ट है कि चूक तो हुई है; क्योंकि २००० सैनिकोंको एक साथ निकालना कोई बुद्धिमताका निर्णय तो नहीं कहा जा सकता है ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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