फरवरी २६, २०१९
बंगलादेशकी निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीनने कहा है कि पाकिस्तानको बालाकोटमें आंतकवादी शिविर नष्ट करनेके लिए भारतका धन्यवाद करना चाहिए । पुलवामा आक्रमणके पश्चात त्वरित एवं सटीक हवाई आक्रमणमें भारतने मंगलवार, २६ फरवरीको प्रातःकाल पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट ‘जैश ए मोहम्मद’के सबसे बडे शिविरको ध्वस्त कर दिया ।
धार्मिक कट्टरताके विरुद्घ निरन्तर अपनी आवाज प्रखर रखनेवाली नसरीनने ट्वीट किया, “पाकिस्तान कहता है कि आतंकवादियोंके विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी । अब उसे बालाकोटमें आतंकवादी शिविर ध्वस्त करनेके लिए भारतका धन्यवाद करना चाहिए । आतंकवादी किसी भी देशके लिए अच्छे नहीं है ।” नसरीन बंगलादेशसे निर्वासित हैं और लम्बे समयसे भारत तथा यूरोपीय देशोंमें रह रही हैं ।
उल्लेखनीय है कि १२ दिवस पूर्व जम्मू कश्मीरके पुलवामामें सीआरपीएफके दलपर किए गए आत्मघाती आक्रमणमें बलके ४० सैनिक हुतात्मा हो गए थे । इसका उत्तरदायित्व ‘जैश ए मोहम्मद’ने लिया था । भारतके विदेश सचिव विजय गोखलेने बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’के बालाकोटमें उपस्थित सबसे बडे प्रशिक्षण शिविरपर गुप्त सूचनाओंके पश्चात की गई यह कार्यवाही आवश्यक थी ।
“दुर्भाग्य है बांग्लादेशी धर्मान्धोंका, जो तसलीमा नसरीन जैसे विवेकशील लोगोंको, जो विश्वमें अत्यधिक अल्प हैं, निष्कासित किया हुआ है और देशको इस्लामिक अवनतिकी ओर ले जानेवाले मूढ भरे हुए हैं ! तसलीमाजीका कहना सर्वथा उचित है कि आतंकी किसीभी राष्ट्रके अनुकूल नहीं हो सकते हैं; परन्तु जब किसी देशकी सेना, शासन सभी आतंक पोषक हो, तब उस स्थितिमें क्या करना चाहिए ? ऐसी स्थितिमें तो आतंकी हानि होनेपर उस राष्ट्रका दुःखी होना सहज है । पाकिस्तान आतंकका जनक है, आतंकका निर्माण उद्योग है; अतः इसपर ऐसे अनेकानेक आक्रमणकर आतंका समूल नाशकर ही शान्ति स्थापना हो सकती है !”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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