फरवरी २७, २०१९
उत्तर प्रदेशके बाराबंकी जनपदमें पुलिसने सोमवार, २६ फरवरीको एक ऐसे युवकको बन्दी बनाया, जिसपर आरोप है कि उसने ‘वॉट्सऐप प्रोफाइल चित्र’में देशविरोधी उद्घोषवाला चित्र लगाया था ! बताया जा रहा है कि यह सन्देश कथित रूपसे राष्ट्रीय ध्वजको अपमानित करने और देशविरोधी उद्घोषसे सम्बन्धित था । आरोपी मोनिस खानको कारावास भेज दिया गया है ।
पुलिसने बताया कि लोजहर गांव निवासी अजय प्रतापने थानेपर सूचना दी कि गांवके बुढनपुर निवासी मोनिस खानने अपने ‘व्हाट्सएप’से उनके भ्रमणभाषपर एक सन्देश भेजा । यह कथित रूपसे तिरंगेको अपमानित करने और देशविरोधी उद्घोषको लेकर था । उसने इसे अपने ‘व्हाट्सएप’ खातेके चित्रके रूपमें भी लगाया था !
परिवादके पश्चात पुलिस अधीक्षक डॉक्टर सतीश कुमारके निर्देशपर उच्च पुलिस अधीक्षक उत्तरी और क्षेत्राधिकारी नगरने एक दल गठित किया । सोमवारको देवा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंहने इस्माइलपुर चिकित्सालयके निकट आरोपी मोनिसको बन्दी बना लिया था ।
“वास्तवमें मोनिस खान बुद्धिसे तो पाकिस्तानी ही है; परन्तु हमारी मूढता पूर्ण शासकीय नीतियों और तथाकथित लोकतन्त्रने चसे भारतीय बनाया हुआ है । भारतमें आज ऐसे कितने ही मोनिस आश्रय पा रहे हैं, जो भारत विरोधी गतिविधियोंमें सम्मिलित होते हैं और तिरंगेके अपमानसे आरम्भ हुई यात्रा आतंकी बनकर जिहाद करनेपर समाप्त होती है ! अब हमें अपनी नीतियोंकी समीक्षा करनी चाहिए और सोचना चाहिए कि यदि हमें देशके भीतर तुष्टिकरणकर भारतकी हानि ही करवानी है तो हम बाहरके लिए सैनिकोंके प्राण क्यों व्यर्थ कर रहे हैं ? पहले यहां आतंकी पलते हैं, तदोपरान्त वे हमारे ही रक्षाबलोंसे लडते हैं, यह कैसी नीति है ?, इसपर सभी विचार करें !”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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