फरवरी २८, २०१९
मेरठके एक निजी विद्यालयमें प्रार्थना सभामें ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’के उद्घोष लगाए जानेका आरोप लगाकर बीजेपी कार्यकर्ताओंने आरोपी छात्रोंके विरुद्घ कार्यवाहीकी मांग की । जिसके पश्चात विवाद बढनेपर विद्यालय प्रबन्धनने तीनों छात्रोंको निष्कासित कर दिया ।
२५-२६ फरवरीकी रात्रि पाक अधिकृत कश्मीरमें हुई ‘एयर स्ट्राइक’को लेकर मेरठके एक विद्यालयमें बुधवार प्रातःकाल प्रार्थना सभामें काफी छात्रोंने ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद, भारतीय सेना जिंदाबाद’के नारे लगाए थे । आरोप है कि इसके मध्य विशेष समुदायके तीन छात्रोंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’के उद्घोष लगा दिए ! पूर्वमें विद्यालयने इस प्रकरणको दबा दिया था; परन्तु जब इस प्रकरणका समाचार नगरमें फैला तो भाजपाके कार्यकर्ताओंने विद्यालय पहुंचकर विरोध आरम्भ कर दिया ।
इस मध्य युवा मोर्चाके कुछ नेताओंने आरोपी छात्रोंके विरुद्घ कार्यवाहीकी मांग की । इसके पश्चात विरोधको देखते हुए विद्यालय प्रबंधनने ३ आरोपी छात्रोंको निष्कासित कर दिया ।
“एक विद्यालयके भीतर जहां सभी हिन्दुस्तानके उद्घोष कर रहे हैं, वहीं तीन धर्मान्ध बालक (अभी बालक है; परन्तु इस्लामिक विष भर दिया गया है) भारत विरोधी उद्घोष कर रहे हैं, अब सभी धर्मनिरपेक्ष हिन्दू कृपया बताएं कि क्या ये बालक और इनके माता-पिता राष्ट्रमें रहने योग्य हैं ? क्या ये कलको आतंकी नहीं बनेंगें ? जिस आयुमें जीवनका पूर्ण आनन्द लिया जाता हैं, उसमें इन्हें यह ज्ञात है कि हम पाकिस्तान प्रेमी है और वहीं हमारा आश्रय । अपने इलामिक हरे रंगको पाकिस्तानके ध्वजसे समान मानकर पाकिस्तानी कृत्य ही करने लगते हैं और विद्यालय प्रशासनका जो इनका अपराध छिपानेका दण्ड है, वह अक्षम्य है । यदि ऐसे ही हम अपने स्वार्थमें छवि बचाने हेतु ऐसे राष्ट्रविरोधी कृत्योंको छिपाएंगें तो कैसे चलेगा ? क्या प्रत्येक स्थानपर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंका पहुंचना आवश्यक है, तभी राष्ट्रभक्ति जागृत होगी ? नागरिकोंकी सतर्कता अति आवश्यक है । स्वसे ऊपर राष्ट्रप्रेम होना चाहिए, अन्यथा आपमें और आतंकियोंमें कोई भेद नहीं है, यह ध्यान रखें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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