मार्च २, २०१९
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने कहा कि आजका भारत एक नूतन नीति और रीतिपर चल रहा है । आजका भारत निर्भीक और साहसी है । देशके भीतर और बाहर दोनों स्थानपर देश विरोधी लोगोंमें भय उत्पन्न हो गया है । आजके वातावरणमें यह भय अच्छा है । हवाई आक्रमण और पाकको दिए गए उत्तरका वर्णन करते हुए प्रधानमन्त्रीने कहा कि अब कोई भारतको आंख नहीं दिखा सकता ।
शनिवार सन्ध्या एक निजी दूरभाष समाचार माध्यमके कार्यक्रममें प्रधानमन्त्रीने पाकिस्तानमें घुसकर आतंकियोंके स्थलोंको नष्ट करनेकी ऐतिहासिक कार्यवाहीका वर्णन किया । उन्होंने कहा कि यदि शत्रुओंको हमारे सैनिकोंके पराक्रमसे भय लगता है तो यह भय अच्छा है । जब आतंकियोंमें सैनिकोंका भय हो तो यह भय अच्छा है ।
‘वीवीआइपी हेलीकाप्टर सन्धि’में भ्रष्टाचारके आरोपमें प्रत्यर्पित मध्यस्थ क्रिस्चन मिशेलका नाम लेकर कांग्रेसपर भी कटाक्ष किया । प्रधानमंत्रीने कहा, “मामाके बोलनेसे जब बडे-बडे परिवार विचलित हो जाएं तो यह भय भी अच्छा है । भ्रष्ट नेताओंको कारावास जानेका भय लगे तो यह भय अच्छा है ।”
पाकिस्तानके वायु आक्रमणको लेकर उन्होंने कहा कि आज राफेलकी न्यूनता अनुभव हो रही है । यदि आज राफेल होता तो परिणाम इससे कुछ भिन्न होता । पहले राफेलपर स्वार्थ नीति और अब राजनीतिके चलते देशकी हानि हो रही है । आतंकके विरुद्घ विश्व साथ दे रहा है; परन्तु कुछ दल हमपर ही संदेह कर रहे हैं । ये वही लोग हैं, जिनके वक्तव्योंको पाकिस्तानके दूरभाष माध्यमों और रेडियोपर भारतके विरुद्घ प्रयोग किया जा रहा है । ये लोग मोदी विरोध करते-करते देश विरोधपर आ आए हैं । मैं ऐसे लोगोंसे पूछना चाहता हूं कि आपको हमारी सेनाके सामर्थ्यपर विश्वास है या संदेह है ।
प्रधानमन्त्रीने कहा कि २०१४ के मतदानके पश्चात जब मैं देहली आया तो मुझे कई बातोंका अनुभव नहीं था । केन्द्र शासन कैसे चलता है ?, क्या सिस्टम है और क्या व्यवस्था है ?, यह ज्ञात नहीं था; परन्तु यह मेरे लिए वरदान सिद्ध हुआ ।
उन्होंने कहा, ‘यदि मैं पुराना भाग होता तो मतदानके पश्चात एक खांचेकी भांति जाकर फिट हो जाता । मुझे स्मयण है कि २०१४ से पूर्व समाचारोंमें चर्चा होती थी कि मोदीको क्या ज्ञात है कि विश्वमें क्या चल रहा है ? ये प्रश्न थे और ये स्वाभाविक थे । एक राज्यसे आए व्यक्तिके लिए स्वाभाविक थे; परन्तु गत दिवसोंके घटनाक्रममें आपको दिखाई दे गया होगा कि भारतकी विदेश नीतिका प्रभाव क्या है ?”
“कांग्रेस स्वतन्त्रताके पश्चातसे ही इस राष्ट्रकी बलि ही देती आई है, इसमें कोई शंका नहीं है । राफेलपर जानबूझकर राष्ट्रको भ्रमितकर झूठा प्रचार करनेवाली कांग्रेसके कृत्योंका भुगतान हमारी वायुसेनाके ८०० से अधिक सैनिक अपने प्राणोंकी बलि देकर कर चुके हैं और उसके पश्चात भी लज्जाहीन होकर राफेलपर भ्रमितकर देशको एक नूतन तकनीक, जिसकी वायुसेनाको अत्यधिक आवश्यकता है, उसे अबतक नहीं लाने दिया गया ! ऐसे राष्ट्रविरोधी नीतिके दलको सभी राष्ट्रभक्त मतदानमें राजनीतिसे बाहर करें, यही इनके कुकृत्योंका योग्य दण्ड हो सकता है ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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