मार्च २, २०१९
भारतके पश्चात अब ईरान शासनके नेताओं और ईरानी सेनाने पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहोंके विरुद्घ कार्यवाहीकी चेतावनी दी है; क्योंकि पाकिस्तान यह कर पानेमें समर्थ नहीं है । पाकिस्तानके बालाघाट स्थित ‘जैश-ए-मुहम्मद’के आतंकी शिविरपर भारतीय वायुसेनाने २६ फरवरीको ‘एयर स्ट्राइक’ किया था । इसके पश्चात ईरानने भी पाकिस्तानपर दबाव बनाना आरम्भ कर दिया है । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बात अन्तर्राष्ट्रीय मंचोंपर कह चुके हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियोंका आश्रयदाता बना हुआ है ।
समाचारोंके अनुसार, आइआरजीसी कुर्द सेनाके प्रमुख जनरल कासिम सोलेमानीने पाकिस्तानी शासन और उसके सैन्य प्रतिष्ठानको कडे शब्दोंमें चेताया है । सोलेमानीने कहा है, “मैं पाकिस्तान शासनसे प्रश्न करना चाहता हूं कि आप किस ओर जा रहे हैं ? सभी पडोसी देशोंकी सीमापर आपने अशांति फैला रखी है । क्या आपका कोई ऐसा पडोसी शेष है, जहां आप असुरक्षा फैलाना चाहते हैं । आपके पास तो परमाणु बम हैं; परन्तु आप इस क्षेत्रमें एक आतंकी समूहको समाप्त नहीं कर पा रहे, जिसके सदस्योंकी संख्या शतकोंमें है ।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तानको ईरानके धैर्यकी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए ।
१३ फरवारीको पाकिस्तानसे सटी ईरानके सिस्तान बलूचिस्तान सीमामें एक आत्मघाती आक्रमणमें ईरानी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’के २७ सैनिक हुतात्मा हो गए थे । ईरानका कहना है कि उनके विरुद्घ युद्ध लडनेके लिए पाकिस्तान अपने देशमें आतंकवादको आश्रय दे रहा है । कुर्द सेनाके कमांडर जनरल कासिम सोलेमानीने कहा है कि यदि पाकिस्तानने अपनी भूमिपर आतंकवादको समाप्त नहीं किया तो उन्हें गम्भीर परिणाम भुगतने पड सकते हैं ।
ईरान और भारत आतंकवादके मुद्देपर एक ही नावमें बैठे हैं । पाकिस्तानमें आतंकी भारत और ईरानके साथ-साथ कई अन्य देशोंमें भी आक्रमण कर रहे हैं । इधर, ईरान और भारतके मध्य गत कुछ समयमें सहयोग बढा है । ऐसेमें आतंकवादके प्रकरणपर भी ईरान, भारतके साथ खडा दिख रहा है ।
उल्लेखनीय है कि २६ फरवरीको पाकिस्तानके बालाकोट और दो अन्य स्थानोंपर स्थित आतंकी अड्डोंपर हवाई आक्रमण किया था । इस घटनाके पश्चात २७ फरवरीको पाकिस्तानी वायुसेनाने भारतीय सैन्य स्थलोंको लक्ष्य बनानेका प्रयास किया था; परन्तु वे असफल रहे ।
“आतंक किसीको भी नहीं भाता है । कौन समूचा जीवन अपने विकासको छोड आतंकका समर्थन करेगा ! अतः अब पाकिस्तान समूचे विश्वमें अपना स्थान खोता जा रहा है । अब सभी राष्ट्रोंने आगे आकर पाकिस्तानको सभी प्रकारकी सहायता प्रदान करना बन्द करना चाहिए और जो राष्ट्र सहायता करे, उसका चहुंओर विरोध होना चाहिए । तभी आतंकका मूल सहित नाश होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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