मार्च ४, २०१९
पश्चिम बंगालमें ममता बनर्जीकी पुलिसने रविवार, ३ मार्चको राज्यके मिदनापुर जनपदमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाहद्वारा आरम्भ की गई ‘विजय संकल्प बाइक रैली’को रोकनेके लिए लाठीचार्जका आश्रय लिया । बाइक रैलीको सक्रिय करने और देश भरमें प्रत्येक संसदीय क्षेत्रमें पार्टीकी पहुंचको सुनिश्चित करनेके उद्देश्यसे भाजपाके चुनाव पूर्व अभियानका भाग है ।
समाचारोंके अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिसने बोर्ड परीक्षा और यातायातके नियमोंका बहाना बनाते हुए रैली करनेकी अनुमति देनेसे मना कर दिया था, फिर भी राज्यके भाजपा नेता रैली निकाल रहे थे । यद्यपि यह प्रथम बार नहीं है, जब ममता बैनर्जी किसी बहानेकी आड लेकर बीजेपीको बाइक रैलीकी अनुमति देनेसे मना किया हो, इसके पूर्व भी वे शीर्ष बीजेपी नेताओंको भी बंगालमें आनेकी एवं रैलीकी अनुमति देनेसे मना कर चुकी हैं ।
समाचारोंके अनुसार, रैलीकी अनुमति देनेसे मना किए जानेके पश्चात, स्थान-स्थानपर अवरोधक लगाकर पुलिसने रैलीको रोकनेका प्रयास किया । जब भाजपा कार्यकर्ताओंने मिदनापुरमें रैलीके समय अवरोधक तोडकर आगे बढनेका प्रयास किया तो ममता बैनर्जीकी पुलिसने भाजपा कार्यकर्ताओंपर लाठी चलाई !
“ममता बैनर्जी एक ओर लोकतन्त्रकी बातें करती हैं कि वे लोकतन्त्रकी रक्षक है तो लोकतन्त्र तो सबको सब स्थानपर जानेकी अनुमति देता है । क्या ममता बैनर्जीको आजतक किसीने राज्यसे बाहर जानेपर रैली करनेसे रोका है ? अभी कुछ दिवस पूर्व वे देहली आई थीं तो क्या कोई पुलिससे कार्यवाही करवाई गई थी ? ममता बैनर्जीके ये कृत्य तो केवल विद्रोही मानसिकताका ही परिचायक है, जो इस देशके स्वास्थ्यके लिए कदापि उचित नहीं है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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