मार्च ९, २०१९
बिहारमें कांग्रेसके वरिष्ठ नेता तथा प्रवक्ता बिनोद शर्माने शनिवार, ९ मार्चको पार्टीसे त्यागपत्र दे दिया । उन्होंने कहा है कि पार्टीको बालाकोट हवाई आक्रमणके साक्ष्य नहीं मांगने चाहिए थे । संसदीय चुनावसे ठीक पहले बिनोदके त्यागपत्रको कांग्रेसके लिए बडा झटका माना जा रहा है । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीको सम्बोधित करते हुए एक पत्रमें बिनोद शर्माने कहा कि पार्टी अध्यक्षने बालाकोटमें आतंकवादियोंके शिविरोंपर हवाई आक्रमणपर प्रश्न उठाकर धरातल स्तरके कार्यकर्ताओं तथा लोगोंकी भावनाओंको ठेस पहुंचाई है । वरिष्ठ नेताने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधीको गत एक माहमें राज्यके पार्टी कार्यकर्ताओंकी भावनाओंसे अवगत करानेके लिये कई बार पत्र लिखा; परन्तु उनके अनुरोधोंपर कोई ध्यान नहीं दिया गया । उन्होंने कहा कि हवाई आक्रमणके बार-बार साक्ष्य मांगना ‘लज्जाजनक तथा बचकाना’ है । “मैं तीस वर्षतक सेवा करनेके पश्चात भारी मनसे कांग्रेससे त्यागपत्र दे रहा हूं । पार्टी अध्यक्षने सेनाका मनोबल गिराकर भावनाओंको ठेस पहुंचाई है । इससे आतंकवादियोंका जोश बढा है ।” शर्माने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस नेता “पार्टीके दिग्गजों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधीके बताए मार्गसे भटक गए हैं ।” शर्मा बिहार कांग्रेसके महासचिव रह चुके हैं । उन्होंने १९६६ में कांग्रेसके टिकटपर पालीगंज विधानसभा सीटसे उपचुनाव लडा था, जिसमें उन्हें पराजय मिली थी । वह १९९६ से २००० के मध्य एनएसयूआईकी बिहार ईकाईके अध्यक्ष भी रह चुके हैं ।
“देशद्रोह करनेवालोंका साथ कोई भी राष्ट्रप्रेमी नहीं देना चाहेगा ! कांग्रेस अपने कुकृत्योंके कारण अपनी दुर्दशा पहले ही कर चुकी है और अब राष्ट्रका अपमानकर अपना शेष अस्तित्व भी समाप्त करना चाहती है तो यह भारतीयोंके लिए शुभ ही है; क्योंकि दल स्वयंके देशका अपमान करें, वह न तो राजनीति करने योग्य है, न ही देशमें रहने योग्य है; अतः सभी देशका हित चाहनेवाले राष्ट्रभक्त ऐसे दलोंका साथ छोडकर राष्ट्रहितमें आगे आए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
Leave a Reply