हिजबुल मुखिया सलाहुद्दीनके विरुद्घ जांच, निदेशालयने कश्मीरमें अधिकृत की १३ सम्पत्तियां !!


मार्च १९, २०१९

प्रवर्तन निदेशालयने (ईडी) मंगलवार, १९ मार्चको कहा कि उसने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीनके विरुद्घ आतंकवादके वित्तपोषण प्रकरणमें जम्मू कश्मीरमें १३ सम्पत्तियां अधिकृत की है । सलाहुद्दीन वैश्विक स्तरपर प्रतिबन्धित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीनका प्रमुख है । केन्द्रीय जांच विभागने ‘धन शोधन रोकथाम विधान’के (पीएमएलए) अन्तर्गत १.२२ कोटि रूपयेकी सम्पत्तियां अधिकृत करनेका आदेश जारी किया । ये सम्पत्तियां आतंकी संगठनके लिए कथित रूपमें काम करनेवाले बांदीपुरा निवासी मोहम्मद शफी शाह और राज्यके छह अन्य निवासियोंसे जुडी है ।

ईडीने कहा कि उसने अवैधानिक गतिविधि रोकथाम कार्यवाही’के (यूएपीए) अन्तर्गत सलाहुद्दीन, शाह और अन्यके विरुद्घ आरोपपत्रका संज्ञान देनेके पश्चात इसपर धन शोधनका एक आपराधिक प्रकरण प्रविष्ट किया है । प्रवर्तन निदेशालयने एक वक्तव्यमें कहा, ”कश्मीरमें सबसे अधिक सक्रिय आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन जम्मू कश्मीरमें आतंकवाद और पृथकतावादी गतिविधियोंको वित्तपोषणके लिए उत्तरदायी है ।

वक्तव्यमें कहा गया, ”इसका प्रमुख पाकिस्तानके रावलपिंडीमें रहनेवाला सैयद सलाहुद्दीन है । उसने आईएसआई और पाकिस्तान आधारित संगठनोंके साथ मिलकर जेकेएआरटी (जम्मू कश्मीर एफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट) नामक संस्थाद्वारा एकत्र किए गए पैसोंकेद्वारा भारतमें आतंकवादका वित्तपोषण किया । वक्तव्यमें कहा गया कि हवाला और अन्य माध्यमोंसे यह धन भारतमें भेजा गया ।

अमेरिकी शासनने अगस्त २०१७ में हिज्बुल मुजाहिद्दीनको विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था । हिज्बुल मुजाहिद्दीनका प्रमुख होनेके साथ सलाहुद्दीन कश्मीर घाटीमें सक्रिय आतंकी संगठनोंके समूह ‘यूनाइटेड जेहाद काउंसिल’का (यूजेसी) अध्यक्ष है । ‘एनआईए’ने २०१७ में इस प्रकरणमें सलाहुद्दीनके पुत्र सैयद शाहिद यूसुफको बन्दी बनाया था । शाहिद यूसुफ राज्य कृषि विभागमें काम करते थे और जम्मू कश्मीर शासनने उसे सेवासे निलम्बित कर दिया था । ईडीने कहा कि आतंकके वित्तपोषण प्रकरणमें शाह और तीन अन्य राष्ट्रीय राजधानीके तिहाड कारावासमें बंद है ।

 

“आए दिन आतंकवादके प्रकरणमें कोई न कोई पकडा जा रहा है या अवैध सम्पत्तियां अधिकृत की जा रही है, जिसके लिए मोदी शासन अवश्य ही प्रशंसाका पात्र है; परन्तु केवल एक प्रश्न ही मनमें आता है कि स्वतन्त्रताके पश्चातसे आजतक कांग्रेस शासन इनको पोषित क्यों करता रहा ? क्या कांग्रेसको इस राष्ट्रसे प्रेम नहीं या आतंकियोंके प्रति सौहार्द है ? यदि ऐसा है तो हिन्दुओ सावधान ! आनेवाले चुनावोंमेंवोंमें किसीके छलावेमें न आकर ऐसे ही दलोंको विजयी बनाए, जिनके कार्योंमें थोडासा भी राष्ट्रप्रेम झलकता हो ! पूर्ण सत्यनिष्ठ तो आजकी राजनीतिमें कोई नहीं हो सकता है; परन्तु आतंकको पोषित करनेवाले तथाकथित धर्मनिरपेक्षोंको सत्ता नहीं देनी चाहिए, यह किसीके निजी हितका नहीं, राष्ट्रहितका प्रश्न है, तो विवेकपूर्ण चुनाव ही करना चाहिए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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