मार्च २२, २०१९
उत्तरप्रदेशके ‘संभल’से लोकसभा चुनावोंमें सपा-बसपा गठबंधनके संयुक्त उम्मीदवार पूर्व सांसद शफीक उर रहमान बर्कने पुनः राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’का विरोध किया हैं । उन्होंने कहा कि यह गैर इस्लामिक है । पूर्व सांसदने कहा कि वह आज भी ‘वंदेमातरम’का पूरा विरोध करते हैं और वह इसका विरोध करते रहेंगे ।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेसके समय संसदमें चल रहे राष्ट्रगीतका विरोध करते हुए बर्कने ‘वॉकआउट’ कर दिया था, जिसके पश्चात शफीक उर रहमान बर्क लक्ष्यपर आ गए थे । देशके विभिन्न संगठनोंने उनका विरोध भी किया था । बुधवार, २० मार्चको बर्क मुरादाबाद स्थित सपा कार्यालय पहुंचे थे । इस मध्य कार्यकर्ताओंको सम्बोधित करते हुए बर्कने केंद्रके भाजपा शासनको शत्रु दल बोला । वहीं, जब उनसे पूछा गया कि आप वंदेमातरममें तो विश्वास नहीं करते फिर क्या ‘संभल’में जातीय राजनीति करने जा रहे हैं ? तो उन्होंने कहा कि वह सपा-बसपा गठबंधनकी नीतियोंपर जनतासे वोट मांगेंगे ।
“यदि ‘वन्दे मातरमका उद्घोष किसीको इस्लाम विरुद्घ लगता है तो इस्लामिक देशोंकी ओर क्यों नहीं जाते ? यह हिन्दुस्तान है और यहां शरियत और इस्लामिक मानसिकताका कोई स्थान नहीं है तो शफीत रहमान या किसी अन्य धर्मान्धको केवल इस राष्ट्रका धन्यवाद देना चाहिए कि यह उन्हें आश्रय दिए है । वे आदेश देने या निर्णय सुनानेके अधिकारी नहीं हैं, यह उन्हें ध्यानमें रखना चाहिए ! और विचित्र तब लगता है, जब ऐसे इस्लामिक संसदमें हिन्दुओंके लिए नियम बनाने पहुंच जाते हैं । सभी राष्ट्रभक्तोंने ऐसे द्रोहियोंका मुखर होकर विरोध करना चाहिए और इनका सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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