मार्च २३, २०१९
देहलीके मुख्यमन्त्री अरविंद केजरीवालके हिन्दुओंके धार्मिक चिन्ह ‘स्वस्तिक’पर एक ट्वीट करनेके पश्चात उनपर हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाओंको आघात पहुंचानेका आरोप लग रहा है ।
इसी प्रकरणमें केजरीवालके विरुद्ध एक अभियोग भी प्रविष्ट कराया गया है । स्वस्तिकके अपमान किए जाने सम्बन्धी ‘ट्वीट’की भाजपाने कडी आलोचना की थी ।
केजरीवालने अपने ‘ट्विटर’से एक चित्र साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति स्वस्तिक चिह्नके पीछे झाडू लिए हुए दौड रहा है ।
अपने एक अन्य ‘ट्वीट’में उन्होंने भाजपापर आरोप गढते हुए लिखा कि उसने उनकी रैली रद्द करवा दी । साथ ही केजरीवालने दावा करते हुए लिखा कि देहलीमें सातों सीटें भाजपा हार जाएगी, इस बातको वो मान ले ।
जहां एक ओर केजरीवाल लोगोंको हिंसामें लिप्त होनेके लिए प्रोत्साहित करते दिख रहे हैं, वहीं हिन्दू प्रतीक स्वस्तिकके अपमानसे प्रतीत होता है कि वो ओछी राजनीति कर रहे हैं ।
“राजनेता इसीप्रकार हिदू धर्मका अपमानकर निकल जाते हैं और उन्हें कोई कुछ कहनेवाला नहीं है और यही नेता मौलवियों और राह चलते किसी ईसाईको ‘फादर’ बताकर उनका चरण वन्दन करते हैं ! ईसाईयत और जिहाद उन्हें शान्तिके प्रतीक लगते हैं । हिन्दुओ ! अब उठनेका समय है और ऐसी विक्षिप्त मानसिकतावाले नेताओंका प्रतिकार करनेका समय है ! स्मरण रहे ! इनके तथाकथित विकासके पीछे एक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष और जिहादी मस्तिष्क कार्यरत है; अतः इनके छलावेमें न आकर इनका प्रतिकार करें और एक भी वोट ऐसे हिन्दू द्रोहियोंको न दें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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