मार्च २७, २०१९
लोकसभाका टिकट न मिलनेसे रूष्ट कांग्रेस विधायक पार्टी कार्यालयसे अपने समर्थकोंके साथ ३०० कुर्सियां ले गया ! सिलोदसे विधायक अब्दुल सत्तार सेंट्रल महाराष्ट्रसे टिकट मांग रहे थे । पार्टीने टिकट नहीं दिया तो विधायक कार्यालयसे कुर्सियां ले गए ! विधायक सत्तारने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड दी है । विधायकने यह भी दावा किया कि कुर्सियां उन्हींकी थीं ।
समाचारके अनुसार, कांग्रेसकी स्थानीय इकाईने एनसीपीके साथ शाहगंजके अपने कारँयालय गीता भवनमें संयुक्त बैठक बुलाई थी । यद्यपि बैठकके पूर्व ही सत्तारने अपने समर्थकोंके साथ कार्यालयसे कुर्सियां हटवा लीं ।
कांग्रेसने इस सीटसे एमएलसी सुभाष झांबडको उतारनेका निर्णय किया है । इस घोषणाके पश्चात सत्तार रूष्ट हो गए । मंगलवार, २६ मार्चको जैसे ही उन्हें ज्ञात हुआ कि गीता भवनमें कांग्रेस और एनसीपीकी बैठक होनेवाली है, वह अपने समर्थकोंके साथ बैठकके पूर्व वहां पहुंचे और ३०० कुर्सियां उठवा लीं !
“ये हैं आजके सत्यनिष्ठ, कर्मनिष्ठ और नेतृत्त्त शक्ति सम्पन्न नेता !! जिन नेताओंकी मानसिकता और वृत्ति ऐसी हो क्या वह नेता कहलाने योग्य भी होना चाहिए । कहते हैं कि राज्यकर्ता व नेताको तटस्थ होना चाहिए, जिससे वह सुशासन कर सकें; परन्तु यहां तटस्थता तो दूरकी बात है, यहां तो बुद्धि भी नहीं है ! घर भरनेके लिए राजनीतिमें आनेवाले इन तथाकथित नेताओंसे मुक्ति पानेके लिए अब केवल हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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