मार्च २७, २०१९
लोकसभा चुनाव २०१९ के लिए पूर्णियामें मंगलवार, २६ मारँचको नामांकनका अन्तिम दिवस था तो पर्चा भरने आए एक निर्दलीय प्रत्याशीने सुशासनकी मद्यपर प्रतिबन्धकी पोल खोलकर रख दी ! निर्दलीय प्रत्याशी नशेमें ही पत्र प्रविष्ट करने निर्वाचन पदाधिकारीके कार्यालय चला आया । जैसे ही इस बातका भान जिला निर्वाचन पदाधिकारीको हुआ सांसद बननेका स्वप्न लिए प्रत्याशीको बन्दी बना लिया गया ! इस उमीदवारका नाम राजीव कुमार सिंह बताया जा रहा है, जो नवगछियाके नगरा क्षेत्रका रहनेवाला है ।
बताया जाता है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारीको प्रत्याशीके नशेमें धुत होनेका भान तब हुआ, जब वह विचित्र कृत्य करने लगा, जिसके पश्चात डीएमकी शंका विश्वासमें परिवर्तित हो गया । मीडियाकर्मियोंने जब राजीव कुमार सिंहसे नशेसे सम्बन्धित प्रश्न किए तो उसने कुछ भी कहनेसे मना कर दिया, जिसके तुरंत पश्चात राजीव कुमार सिंहको थानेमें ले जाया गया ।
“शराबबन्दीके नामपर शासन झूठी वाहवाही लूट रहा है तो यह प्रकरण एक ओर तो शासनकी नीतियोंकी सत्यता उजागर करता है तो दूसरी ओर हमारे हमारी राजनीतिकी सत्यता कि किस प्रकारके लोग आज राजनीतिमें आना चाहते हैं । आजके शासनकर्ताओंकी कोरी दिखावटी नीतियोंके कारण ही जनता त्रस्त है । कहनेके नामपर बडे-बडे वचन दिए जाते हैं; परन्तु धरातरपर वे दिखाई नहीं देते हैं । राजनेताओंकी इसी और करनीमें अन्तरको मिटाना आवश्यक है; अन्यथा इस देशकी व्यव्स्थामें कोई परिवर्तन नहीं आ सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ (२७.०३.२०१९)
स्रोत : जी न्यूज
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