जब सभी क्षेत्रमें सेवानिवृत्तिकी आयु निर्धारित है तो राजनीतिकी क्यों नहीं ? नकली दांत और घुटनेकी शल्यक्रिया करवाकर राजनीति करनेकी क्या आवश्यकता है ? क्या हमारे पास युवा पीढीकी अकाल है ? क्या अपनी आयुष्यमें ही अपनी अगली पीढीको स्वस्थ राजधर्म सिखाकर सेवा निवृत्त नहीं होना चाहिए ? क्या क्रिकेटके खिलाडी समान राजनेताओंने भी राजनीतिसे संन्यासकी घोषणा नहीं करनी चाहिए ? सत्ताके प्रति इतनी आसक्ति उचित है क्या ? हिन्दू राष्ट्रकी इसकी सेवानिर्वृत्तिकी भी आयु सीमा निर्धारित की जाएगी !
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