धनबादमें गौमाता सहित पशुओंसे भरे दो पिकअप वाहनके साथ तीन पकडे गए !!


मार्च ३१, २०१९

 

पूर्वी टुंडीके दलदली व सुंदरपहाडीमें शुक्रवार, २९ मार्चको ग्रामीणोंने मवेशियोंसे भरी दो ‘पिकअप वैन’को पकडा । वाहनमें बैठे छह लोगोंमें तीन भागनेमें सफल हो गए । तीन लोगोंको ग्रामीणोंने पकड लिया । एक वैनमें सात जबकि दूसरीमें आठ मवेशी (गाय व बैल) भरे थे । वैनसे उतारनेके क्रममें एक गायकी मृत्यु हो गई । तीन अन्य मवेशियोंकी स्थिति विकट है ।

सूचना पुलिसको देनेके घंटों पश्चात भी पुलिसके नहीं पहुंचनेपर ग्रामीण आक्रोशित हो गए । ग्रामीणोंका कहना था, इतनी सघन वाहन परीक्षण होनेके पश्चात भी क्षेत्रमें पशु तस्करीका धंधा जारी है । ग्रामीणोंने बताया कि इन वाहनोंको निरन्तर कई दिवसोंसे प्रतिदिन पट्टा व तिरपाल लगाकर भिन्न-भिन्न चालकद्वारा गुजरते हुए देखा जा रहा था । आज शंका होनेपर गाडीको ग्रामीणोंने रोकना चाहा तो चालक वाहन लेकर भगाने लगा । तब सभीने वाहनका पीछाकर पकड लिया ।

दो घंटे पश्चात पहुंची पुलिस पिकअप वैन चालक बुटबेरिया नारायणपुर जामताडा निवासी शागीर अंसारी, सलैया गिरिडीहके रहनेवाले मुश्ताक अंसारी व आरिफ अंसारीको पकडकर थाने ले आई । इन तीनोंके अतिरिक्त वाहन मालिकोंके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । पकडे गए आरोपितोंको कारावास भेजे जानेकी प्रक्रिया चलाई जा रही है ।

इधर, जब्त मवेशियोंमेंसे सातको गंगा गौशाला कतरास भेजा गया । चोटिल पशुओंकी चिकिसा थानेमें ही चिकित्सा पदाधिकारीको बुलाकर कराया गया । डीएसपी गोपाल कालुंडियाने बताया कि धनबाद व जामताडा जनपदको जोडनेके लिए कई पुल-पुलियोंका निर्माण किया गया है । कई पृथक-पृथक राह हो गए हैं । गो तस्कर इसीका लाभ उठाकर धंधा कर रहे हैं ।

 

“गौपूजक हिन्दुस्तानमें गौमाताकी ऐसी विडम्बना हमारे धार्मिक होनेपर ही प्रश्नचिह्न लगा रही है । शासन नीतियां बनाता है, पुलिस परीक्षण करती है, उसके पश्चात भी गायोंका कटना दिखाता है कि हम कितने निष्ठावान है ! पुलिस कारावासमें दोषियोंको डालेगी और थोडे दिवस पश्चात जमानतपर बाहर आ जाएंगें और परिस्थितियां ऐसी ही बनी रहेंगीं ! विधान बनाना पर्याप्त नहीं है, जबतक उसका भय नहीं होगा कुछ नहीं हो सकता है और वह भय उत्पन्न करनख राज्यकर्ताओंको कार्य है और ऐसे राज्यकर्ताओंको मिलना तो आज विरला ही है; अतः हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अनिवार्य है, जहां ऐसे शासक होंगें, जो धर्मप्रेमी होंगें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution