अप्रैल ११, २०१९
कश्मीरी पृथकतावादी आसिया अंद्राबीकी सहयोगी नाहिदा नसरीनने ‘एनआइए’की उस याचिकाका विरोध किया है, जिसमें आवाजका प्रतिदर्श (नमूना) लेनेकी मांग की गई है । ‘एनआइए’ने विशेष न्यायालयमें याचिका प्रविष्टकर आरोपीकी आवाजका प्रतिदर्श (नमूना) लेनेकी मांग की थी । गुरुवारको हुई सुनवाईके समय आरोपीके अधिवक्ताने (वकीलने) इस मांगको अवैधानिक बताया । अंद्राबी और उसकी सहयोगी पाकिस्तानकी सहायतासे भारतके विरुद्घ युद्धका षडयन्त्र करनेके प्रकरणमें आरोपी हैं ।
विशेष न्यायालयमें ‘एनआइए’ने याचिका प्रविष्टकर कहा था कि जांचमें कुछ ध्वनिसन्देश प्राप्त हुए है, जिन्हें आरोपीकी आवाजसे मिलाना आवश्यक है । न्यायालयने अगली सुनवाई छह मईके लिए निर्धारित की है ।
उल्लेखनीय है कि अंद्राबी व अन्य आरोपियोंके विरुद्घ प्रविष्ट आरोप पत्रपर न्यायालय संज्ञान ले चुका है । आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नहीदा नसरीनको गत जुलाईमें बन्दी बनाया गया था । इनपर देशके विरुद्घ कथित रूपसे षडयन्त्रके कई गम्भीर आरोप हैं । ‘एनआइए’के अनुसार आसिया और उसके सहयोगी ‘साइबरस्पेस’पर पाकिस्तानके समर्थनमें अभियान चला रहे थे ।
“यदि नसरीन निर्दोष हैं तो क्यों आवजका प्रतिदर्श देनेको लेकर भयभीत हैं ? उनका भय ही उनके दोषी होनेका साक्षी है । आजतक ये सभी तथाकथित नेता छिपकर सभी प्रकारके अवैध कृत्य करते रहे हैं । गत दिवसोंमें भी पृथकतावादियोंपर राष्ट्रद्रोहके अनेक आरोप लगे हैं । किसी भी राष्ट्रको, जो अपनी सुरक्षा चाहता है, वह अपने विरोधियोंको मार्गसे हटाता है और यदि भारतको आगे जाना है तो उसे भी अपने विरोधियोंको समूल नष्ट करना होगा !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
Leave a Reply