रुडकी, हरिद्वार सहित कई रेलवे स्टेशनोंको बमसे उडानेकी चेतावनी !!


अप्रैल १९, २०१९
   
रुडकी सहित दो दर्जनसे अधिक रेलवे स्थानकोंको (स्टेशनोंको) उडानेकी चेतावनी मिली है । ‘जैश-ए-मोहम्मद’के क्षेत्रीय अधिकारीके नामसे रुडकी स्टेशन अधीक्षकको यह पत्र मिला है । अधीक्षकने पुलिसको पत्र और अन्य लिखितपत्र उपलब्ध करा दिए हैं । पुलिसने भी जांच आरम्भ कर दी है ।

रुडकी रेलवे स्थानकके अधीक्षक एसके वर्मा सन्ध्याको अपने कार्यालयमें प्रतिदिनकी डाक देख रहे थे । इस  मध्य उन्हें डाकसे एक पत्र मिला । जब उन्होंने लिफाफा खोला तो उसे पढकर वह चकित रह गए । टूटी-फूटी भाषामें एक पत्र लिखा गया था । जिसमें पत्र लिखने वालेने अपना नाम मंसूर अली बताते हुए स्वयंको ‘जैश ए मोहम्मद’का जम्मू क्षेत्रीय अधिकारी बताया । उसने लिखा है कि जेहादकी जाएगी !

१३ मईको रुडकी, हरिद्वार, आगरा, लखनऊ, मुरादाबाद, देहरादून, मेरठ, देहली आदि रेलवे स्थानकोंको उडा दिया जाएगा । इसके अतिरिक्त १६ मईको हरिद्वार हरकी पैडी, मंशा देवी, चंडी देवी, २१ मईको इलाहाबाद और अयोध्याके कई मन्दिर उडा दिए जाएंगें । स्टेशन अधीक्षक एसके वर्माने पत्र देखते ही इस बातकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी पुलिस चौकीको दी । इसके पश्चात उन्होंने डीआरएम सहित अन्य उच्च अधिकारियोंको भी अवगत कराया ।

चौकी प्रभारी अमित कुमारने पत्रको लेकर जांच आरम्भ कर दी । जीआरपीके उच्च पुलिस अधीक्षक मनोज कत्यालने बताया कि प्रकरणको गम्भीरतासे लिया जा रहा है । जांच आरम्भ कर दी गई है । वहीं रुडकी स्टेशन सहित अन्य सभी स्थानोंपर सुरक्षा बढा दी गई है । उन्होंने बताया कि पूर्वमें भी इसप्रकारके पत्र मिले हैं । पत्रकी जो भाषा है, वह पहले पत्रोंकी भाषासे मिलती है । साथ ही लेखनी भी एक जैसी ही लग रही है ।

रुडकी रेलवे स्थानकपर सुरक्षाकी समुचित व्यव्सथा नहीं हैं । यहां तक कि न तो अभीतक ‘सीसीटीवी कैमरे’ लगे हैं और न ही ‘डोर मेटल डिटेक्टर’ । कई बार ‘सीसीटीवी कैमरे’के लिए उच्च अधिकारियोंको पत्र लिखा गया है; परन्तु आजतक नहीं लगे हैं ।

 

“निश्चित ही यह एक चेतावनी एक चेतावनी हो सकती है; परन्तु स्वतन्त्रताके इतने वर्षों पश्चात भी भारतीयोंको भयके वातावरणमें जीना पड रहा है, यह हमारे शासकगणोंकी विफलताको ही दर्शाता है । पाकिस्तानपर आरम्भसे ही कठोर नीति न अपनानेके कारण ही पाकिस्तान शस्त्रोंमें स्वयंको विकसित कर पाया और चीनके सहायतासे आतंकको प्रसारित कर रहा है । यदि उसे वहीं रोक दिया जाता तो आज यह साहस कोई नहीं करता !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जागरण



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