पश्चिम बंगालमें निर्वाचन आयोगका नोडल अधिकारी तृणमूलके गढसे लापता !!


मार्च २०, २०१९

 

पश्चिम बंगालके नदिया जनपदके राणाघाट संसदीय क्षेत्रके कृष्णानगरमें तैनात ईवीएम एवं वीवीपैटके प्रभारी तथा निर्वाचन आयोगके नोडल अधिकारी गत २४ घंटोंसे लापता हैं । एक पुलिस अधिकारीने शुक्रवार, १९ अप्रैलको इसकी जानकारी दी । नदियाके वरिष्ठ पुलिस अधिकारीने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया कि अर्नब राय (३०) नामक अधिकारी चुनाव कार्यके लिए अपने शासकीय आवाससे गुरुवार प्रातःकाल ‘बिप्रदास चौधरी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय’के लिए निकले; परन्तु दोपहर बादसे उन्हें नहीं देखा गया । अधिकारीने बताया कि अर्नबका वाहन यद्यपि महाविद्यालयके बाहर खडा हुआ पाया गया । पश्चिम बंगालमें निर्वाचन आयोगके विशेष पर्यवेक्षक अजय नाइकने पत्रकारोंको बताया, ‘मुझे बताया गया कि उनके बारेमें कुछ पता नहीं चल रहा; परन्तु मुझे लगता है कि उनके लापता होनेका उनकी निजी जीवनसे कुछ लेना-देना है ।’ नादिया पुलिसके सूत्रोंने बताया कि उनके दोनों भ्रमणभाष यन्त्र बंद हैं और उनकी अंतिम अवस्थिति (लोकेशन) शांतिपुरके निकट मिली है । एक अन्य पुलिस अधिकारीने कहा, ‘शांतिपुरके पश्चात स्थितिका पता नहीं चल सका है; क्योंकि वहांसे उनका भ्रमणभाष बंद आ रहा है । इस कारण उनका पता लगानेमें हमें कठिनाई आ रही है ।’ प्रारंभिक जांचमें यह ज्ञात हुआ है कि रायका नदियाके जनपद न्यायाधीश सुमित गुप्ताके साथ कुछ दिवस पूर्व कथित रूपसे चुनावके प्रकरणमें कुछ तैनातियोंको लेकर विवाद हुआ था । गुप्तासे जब इस सम्बन्धमें सम्पर्क किया गया तो उन्होंने रायके साथ किसी प्रकारका झगडा होनेसे मना किया । गुप्ताने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ‘‘जिस किसीने आपको यह सूचना दी है, उसने झूठी जानकारी दी है । हमारे मध्य कुछ नहीं हुआ था । हमने उनकी खोजके लिए प्राथमिकता की है ।’’पुलिस अधिकारीने कहा कि खोज अभियानके असफल होनेके पश्चात जिला प्रशासनने कृष्णानगर कोतवालीमें परिवाद प्रविष्ट कराई है ।  निर्वाचन आयोगके सूत्रोंने बताया कि रायके लापता होनेके सम्बन्धमें जिला न्यायाधीशसे ब्यौरा मांगा गया है । उनके स्थाशपर नूतन अधिकारीको तत्काल प्रभावसे उनका प्रभार सौंप दिया गया है । राणाघाट संसदीय क्षेत्रको तृणमूल कांग्रेसका गढ माना जाता है और वहां चतुर्थ चरणमें २९ अप्रैलको मतदान होगा ।

 

“तृणमूल कांग्रेसके शासनमें पहले भी और अब भी अन्य दलोंके कार्यकर्ताओंकी हत्याओंके समाचार आते रहे हैं, ऐसी अराजकतामें यदि कोई शासकीय अधिकारी भी फंस जाए तो विचित्र नहीं होगा ! बंगालमें फैली इस अराजकताको दूर करनेके लिए तृणमूल कांग्रेसका वहांसे हटाया जाना अत्यावश्यक है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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