तृणमूल कांग्रेस बांग्लादेशमें कर रही है चुनाव प्रचार !!


अप्रैल २५, २०१९

ममता शासनका विवादोंसे गहरा सम्बन्ध है, जिसे निभानेमें वो कोई कमी नहीं छोडती हैं । ऐसा ही एक और विवाद वीडियोके रूपमें सामने आया है । इस वीडियोमें ममता बैनर्जीके नेतृत्ववाली तृणमूल कांग्रेसके आधिकारिक ‘फेसबुक पेज’पर सूचना और विज्ञापनोंपर जब क्लिक किया जाता है, तो आप उन देशोंको देख सकते हैं, जहां टीएमसी लोकसभा चुनावमें वोट देनेकी विनती कर रही है । ‘ड्रॉप-डाउन’वाले विकल्पपर क्लिक करनेपर जब एक देशके रूपमें ‘बांग्लादेश’का चयन किया जाता है, तो वहां टीएमसी अपने पक्षमें वोट मांगनेकी विनती करती दिख रही हैं ! इससे स्पष्ट होता है कि तृणमूल अपने देशके अतिरिक्त दूसरे देशमें भी प्रचार कर रही है । भारतमें प्रचार करना तो समझमें आता है; परन्तु पडोसी देश बांग्लादेशमें प्रचार करनेका भला क्या अर्थ हो सकता है ?

सूचनाके अनुसार, ममताकी तृणमूल फेसबुकपर ऐसे १३ विज्ञापन चला रही है, जिसमें एक विज्ञापन ऐसा भी सम्मिलित है, जिसमें ममता, कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्रमें लोगोंसे विनती कर रहीं हैं कि वे चुनावोंमें तृणमूलको वोट दें । ममता फेसबुककेद्वारा बांग्लादेशमें वोटकी विनती क्यों कर रही हैं, इसके पीछे क्या कारण है ?, यह कोई नहीं जानता है । यह सर्वविदित है कि भारतीय चुनावोंमें केवल भारतीय नागरिक ही वोट कर सकते हैं ।

यह प्रथम बार नहीं है कि ममताने पडोसी देश बांग्लादेशमें वोटकी मांग की हो । इस माहके आरम्भमें, दो बांग्लादेशी अभिनेताओंको बंगालमें ममताकी तृणमूलके लिए प्रचार करते हुए पाया गया था । बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद और गाजी अदबुन नूर बांग्लादेशके कुछ भागोंमें तृणमूलके लिए प्रचार कर रहे थे, जबकि फिरदौसके अनुमतिपत्रको (वीजाको) विदेश मन्त्रालयद्वारा प्रतिबन्धित किया गया था ।

 

“पडोसी देशोंसे अभिनेताओंको प्रचार हेतु बुलाना और वहांपर जालस्थलोंके माध्यमसे प्रचार, यह अवश्य ही चिन्ताका विषय है । क्या तृणमूलसे यह प्रश्न करनेवाला कोई नहीं है ? इसका अर्थ स्पष्ट है कि बंगालको बांग्लादेश बनानेका कोई खेल अवश्य चल रहा है । इसपर सुरक्षा विभागोंने ध्यान देना चाहिए और जिसप्रकारसे कुछ ही वर्षोंमें बंगालमें धर्मान्धोंकी संख्या बढी है, वह भी यही दिखा रही है कि बंगालमें बांग्लादेशियोंको घुसाया गया है । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया

 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution