मई २, २०१९
विश्व स्तरपर भारतको बुधवार, १ मईको बडी कूटनीतिक विजय मिली । ‘जैश-ए-मोहम्मद’ मुखिया मसूद अजहरको संयुक्त राष्ट्रने वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया । चीनने एक दिवस पूर्व ही इस बातके संकेत दे दिए थे कि वो इस बार मसूद अजहरके प्रकरणमें बाधा नहीं बनेगा । बीजिंगने मंगलवार, ३० अप्रैलको कहा था कि संयुक्त राष्ट्रद्वारा अजहरको वैश्विक अतंकवादी घोषित करनेका यह विवादित प्रकरण ‘अच्छी प्रकार’ सुलझ जाएगा ।
संयुक्त राष्ट्रमें भारतके स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीनने इस अवसरपर कहा, “बडे और छोटे सभी राष्ट्र एकजुट, संयुक्त राष्ट्रने मसूद अजहरको वैश्विक आतंकी घोषित किया । सहयोगके लिए सभीका धन्यवाद ।”
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसकी ओरसे जैश प्रमुख अजहरपर प्रतिबन्ध लगानेके वर्तमान प्रस्तावपर चीनने मार्चमें ‘वीटो’ लगा दिया था । इससे पूर्व जैशने फरवरीमें जम्मू-कश्मीरके पुलवामामें ‘सीआरपीएफ’के दलपर हुए आक्रमणका उत्तरदायित्व लिया था । अजहरको वैश्विक आतंकवादी घोषित करनेका यह गत १० वर्षोंमें चौथा प्रयास था ।
सबसे प्रथम २००९ में भारतने प्रस्ताव रखा था, तदोपरान्त २०१६ में भारतने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसके साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्रकी १२६७ प्रतिबन्ध परिषदके समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा । इन्हीं देशोंके समर्थनके साथ भारतने २०१७ में तीसरी बार यह प्रस्ताव रखा था । इन सभी अवसरोंपर चीनने ‘वीटो’का प्रयोगकर ऐसा होनेसे रोक दिया था ।
उल्लेखनीय है कि चीनने एक दिवस पूर्व मंगलवार, ३० अप्रैलको कहा था कि ‘जैश-ए-मोहम्मद’के प्रमुख मसूद अजहरको संयुक्त राष्ट्रद्वारा वैश्विक आतंकी घोषित करानेके जटिल प्रकरणका उचित समाधान निकाला जाएगा; परन्तु उसने कोई समयसीमा नहीं बताई । कुछ दिवस पूर्व यहां पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानसे चीनके राष्ट्रपति शी चिनफिंगकी भेंटके पश्चात चीनका यह दृष्टिकोण सामने आया है ।
चीनके विदेश मन्त्रालयके प्रवक्ता गेंग शुआंगने कहा था, ”मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मुझे विश्वास है कि उचित ढंगसे इसका समाधान निकलेगा ।” वह इन समाचारोंके बारेमें पूछे गए प्रश्नोंका उत्तर दे रहे थे कि चीनने अजहरको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदकी १२६७ अल कायदा प्रतिबन्ध समितिके अन्तर्गत सूचीबद्ध करनेके फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिकाके एक वर्तमान प्रस्तावपर तकनीकी रोक हटानेपर सहमति प्रकट कर दी है ।
“देरसे ही किया; परन्तु आतंकी मसूदको सभी राष्ट्रोंने मिलकर प्रतिबन्धित कर दिया, इसके लिए सभी अभिनन्दनके पात्र है । अब ऐसे अनेक आतंकियोंको, जिन्हें पाकिस्तानने आश्रय दिया है, उन सभीको प्रतिबन्धित किया जाए और आतंकके विरुद्ध सभी राष्ट्र मुखर होकर सामने आए, पाकिस्तानपर बल बनाए और न माननेपर कार्यवाही करे, तभी आतंकका अन्त हो पाएगा । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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