मई २, २०१९
विश्वके कई आतंकियोंके तथाकथित धार्मिक गुरु जाकिर नाइकको निदेशालयने बडा झटका दिया है और उसकी कई सम्पत्तियोंको अधिकृत किया, जिनका कुल मूल्य लगभग ५१ कोटि रुपए है ।
निदेशालयने जाकिर नाइकके अतिरिक्त आतंकी प्रकरणमें अन्य कई सम्पत्तियोंको भी अधिकृत किया है और कुल १९३ कोटि ६ लाखकी सम्पत्तियां इसमें सम्मिलित हैं ।
सम्पत्तियोंको अधिकृत करनेके अतिरिक्त निदेशालयने जाकिर नाइकके विरुद्ध ‘मनी लोंड्रिंग’का भी प्रकरण प्रविष्ट किया है ।
ED files prosecution complaint against Zakir Naik and others. Total amount of Rs 193.06 crore has been identified as proceeds of crime. ED had registered a money laundering case against Naik and others on 22.12.2016 (file pic) pic.twitter.com/V2x4W3zedM
— ANI (@ANI) May 2, 2019
ED files Prosecution Complaint against Zakir Naik and others for their involvement in money laundering, before the court of Special Judge PMLA, Mumbai.
— ED (@dir_ed) May 2, 2019
उल्लेखनीय है कि कांग्रेसके शासन कालमें जाकिर नाइक तीव्रतासे फला-फूला था, इसने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’को ५० लाख रुपएका दान भी दिया था, ये संस्था सोनिया गांधी चलाती है !!

इसके अतिरिक्त जाकिर नाइकके कांग्रेसके बडे-बडे नेताओंसे मधुर सम्बन्ध थे । दिग्विजय सिंह तो इसके कार्यक्रममें जाकर इसे गले लगाते थे और दिग्विजय सिंहने इसे शान्तिदूत भी बताया था !! (सोनिया गांधी सहित सभी कांग्रेसी नेताओंसे भारतकी जनता इसका उत्तर मांगे कि आतंकियोंपर कार्यवाही करनेके स्थानपर उन्हें गले क्यों लगाया ? क्यों अनेक इस्लामिक संस्थान और आतंकी फले-फूलें ? और जनता इस सबको ध्यानमें रखकर योग्य चुनाव करें; क्योंकि यदि ये आतंकी पुनः भारतमें पुष्ट हुए तो स्थिति भयावह होगी !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ)
ढाका आक्रमणके पश्चात ही जाकिर नाइक भारतसे भागा हुआ है । वहीं श्रीलंकामें हुए ईस्टर आक्रमणके पश्चात भी जाकिर नाइकका नाम सामने आया था । विश्वभरके कई आतंकी इसे अपना धार्मिक गुरु मानते हैं !!
“भारत शासन कार्यवाहीको और तीव्र करते हुए समस्त सम्पत्तियोंको एक ही बारमें अधिकृत करें और जो-जो नेता आतंकके सहयोगी हुए हैं, बन्दी बनाकर उनपर कार्यवाही करे ! आतंकके विरुद्ध अब यह भारतका अन्तिम युद्ध होना चाहिए ताकि हम स्वर्णिम भारतकी ओर बढ सके ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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