मई २, २०१९
बेगुसराय सीटसे लोकसभा चुनाव प्रतिस्पर्धा चुके वामपन्थी नेता कन्हैया कुमारका एक विडियो प्रसारित हो रहा है, पहले आपको बता दें कि बेगुसरायमें मतदान हो चुका है । कन्हैया कुमारका एक पुराना विडियो प्रसारित हो रहा है; परन्तु उसे लोग आज भी साझा कर रहे हैं ।
ये विडियो आपको बताएगा कि कन्हैया कुमार, जोकि लोकसभाके मतदानमें प्रतिस्पर्धा कर चुके हैं, उनकी मानसिकता क्या है ? अभी परिणाम नहीं आए हैं, यदि कन्हैया कुमार जैसे लोग विजयी हो जाते हैं तो हमारी संसदमें कैसे लोग सांसद बनकर जाएंगें, ये समझना आवश्यक है और इस विडियोकेद्वारा आप समाचार माध्यमकी भूमिकाको भी समझेंगे जोकि कन्हैया कुमार जैसे लोगोंको बढावा देनेका कार्य करते हैं ।
कन्हैया कुमार कह रहा है कि जो नक्सली है, उनको हुतात्माका स्थान दिया जाए । नक्सली निर्दोष आदिवासी है और ये निर्दोष लोग मर रहे हैं । इनको हुतात्माका स्थान मिलना चाहिए ।
कन्हैया कुमारने ये मांग रविश कुमार नामके एक कथित पत्रकारके साथ अपने साक्षात्कारमें कही थी । नक्सलियोंको निर्दोष बताकर उनके लिए हुतात्माके स्थानकी मांग, ये वही कन्हैया कुमार है, जो सैनिकोंको, भारतीय सेनाको दुराचारी भी बता चुके हैं ।
Kanhaiya Kumar says Naxalites are Martyrs they should be respected.
Today terrorists naxalite killed 15 men in uniform & 1 citizen
Naxal terrorists sympathizers like Sheihla Rashid, Jignesh, Shabana Azmi, Javed Akhtar, Swara Bhaskar should hang their head in shame#Gadchiroli pic.twitter.com/9UPloLkktB
— Priya (@priyaakulkarni2) May 1, 2019
इस कन्हैया कुमारके लिए समाचार माध्यमोंने अत्यधिक कार्य किया है, इसका प्रचार किया है । साथ ही इसे जावेद अख्तर, शबाना आजमी जैसे लोगोंने भी अधिक प्रचार किया है । इतना ही नहीं दिग्विजय सिंहने तो गत दिवसों ही कहा था कि मैं कन्हैयाका समर्थक हूं !
“एक व्यक्ति भारतीय सेनाको दुष्कर्म करनेवाले और नक्सलियोंको हुतात्मा बताता है और विचित्र है कि भारतका समाचार जगत उसके पीछे कैमरे लेकर घूमता है और राजनीति दल उसे टिकट देकर लोकसभामें लानेके लिए सज्ज हैं !! जो कठोर दण्डका पात्र है, उसे संसदमें बैठानेकी तैयारी है । यह समय हमारे विचार करनेका है कि हम देशको बनाना चाहते हैं या बिगाडना ! क्योंकि यदि सेनासे विद्रोह करनेवालोंको यदि हम भारतीय राजनीतिमें आनेसे नहीं रोकेंगें तो हमें अपने देशभक्त होनेपर पुनर्विचार करना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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