मई ४, २०१९
हैदराबादके रहनेवाले एक कुरान अध्यापकने सऊदीसे लौटनेके पश्चात भारतीय दूतावासके साथ विदेश मन्त्री सुषमा स्वराजको धन्यवाद दिया है । हाफिज मोहम्मद बहाउद्दीन नामके इस व्यक्तिने बताया कि उन्हें एक मध्यस्थने (एजेंटने) सऊदीके किसी दूरस्थ क्षेत्रमें भेज दिया था, जहां उनसे स्वच्छताका कार्य कराया जाता था ।
समाचारोंके अनुसार हाफिजने बताया कि वे वहां कार्यके मध्य रूग्ण हो गए थे; परन्तु उनके स्वामीने उन्हें चिकित्सालय ले जानेसे मना कर दिया । हाफिजका कहना है कि सऊदीसे उन्हें भारतीय दूतावासके अधिकारियोंने बचाया है । अधिकारियोंने उनका हैदराबादका टिकट जारी किया; इसलिए वह अधिकारियोंके साथ विदेश मन्त्री सुषमा स्वराजको धन्यवाद करना चाहते हैं ।
अपने बारेमें बताते हुए हाफिजने कहा कि वो हैदराबादमें एक कुरान अध्यापकके रूपमें कार्य करते थे । इस मध्य एक मध्यस्थने (एजेंटने) उनके सामने सऊदी अरबकी अल बहाह मस्जिदमें काम करनेका प्रस्ताव रखा । उन्हें बताया गया कि उन्हें इस कार्यके लिए ९५ सहस्र रुपए मिलेंगें ।
हाफिजद्वारा प्रस्ताव स्वीकारनेके पश्चात उन्हें २१ मार्चको सऊदीके अल बहाह नगर भेज दिया गया । वहां पहुंचनेके पश्चात उन्हें अत्यधिक दूर भेजा गया, जहां उनसे स्वच्छताका कार्य कराया जाने लगा । हाफिज बताते हैं कि वहां उनका स्वामी उनसे दिन-रात कार्य करवाता था ।
इसके पश्चात हाफिजने अपनी स्थितिके बारेमें अपनी पत्नीको बताया और पत्नीने विदेश मन्त्री सुषमा स्वराजको पत्र लिखकर परिवाद की । हाफिज बताते हैं कि उनकी पत्नीने भारतीय दूतावाससे उन्हें वहांसे छुडानेकी विनती की थी, जिसके पश्चात उन्हें भारत लानेकी व्यव्स्था की गई । हाफिज अब भारतमें हैं और अपने परिवारसे मिलकर प्रसन्न हैं ।
स्रोत : ऑप इण्डिया
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