मई ६, २०१९
‘न्यूज १८ इण्डिया’ने सबसे पहले बताया था कि १ मईको हुए गढचिरौली नक्सली आक्रमणमें ‘अर्बन नक्सलियों’का हाथ हो सकता है ! घटनाके तीन दिवसके पश्चात महाराष्ट्र पुलिसने इस प्रकरणमें ८ लोगोंके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट किया है, जिसमें अर्बन नक्सली मिलिंद तेलतुमडेका भी नाम सम्मिलित है ।
सूत्रोंके अनुसार, मिलिंद तेलतुमडेको एक दिवस पूर्व घटनास्थलके पास देखा गया था । पुलिसका मानना है कि इस घटनाके पीछे मिलिन्द तेडतुमडेका बडा हाथ है । पुलिसने ८ लोगोंके विरुद्घ हत्या, षडयन्त्र करने, ‘एक्सप्लोसिव एक्ट’ और यूएपीएके (विधिविरुद्ध क्रिया – कलाप (निवारण) अधिनियमके) अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है ।
पुलिसने इस प्रकरणमें बडे नक्सली नेता गणपतिको भी आरोपी बनाया गया है । आपको बता दें कि १ मईको हुए नक्सली आक्रमणमें १५ सैनिकों सहित एक सीविलियनकी मृत्यु हो गई थी । पुलिसकी जांचमें ज्ञात हुआ है कि नक्सलियोंने पूरे ४० किलों विस्टफोटकका प्रयोग किया था ।
“नक्सलियोंको पहले दूर-दराजके ग्रामीण क्षेत्रोंमें पाया जाता है, जो सामान्यजनकी पहुंचसे बाहर थे, आज वे सामान्यजनके मध्य खुलेमें रहकर विष उगलते हैं । यूं कहें कि सूट-बूट पहनकर आतंकियोंके समर्थक आजकल सबके मध्यमें रहने लगे हैं । वास्तवमें ये उन आतंकियों और नक्सलियोंसे कहीं अधिक भयावह हैं, जो जंगलोंमें छिपकर रहते हैं । गत वर्षोंमें भारतमें तथाकथित धर्मनिरपेक्षता और समानताके वातावरणने समस्त परिस्थितिको विपरित कर दिया है । अधिकारोंकी मांग करते-२ ये स्वयं अधिकारोंपर बैठकर आतंकी बन जाते हैं । भारत शासनको इनसे कडे ढंगसे निपटना होगा; अन्यथा यह संकट भारतको निगलनेके लिए सज्ज है । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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