मई ६, २०१९
बंगालमें बिना तृणमूलके उपद्रवके कहीं मतदान हो जाए, शांतिसे कहीं मतदान सम्पन्न हो जाए, ऐसा सम्भव ही नहीं है । प्रत्येक चरणके मतदानकी भांति इस बार भी बंगालमें तृणमूलका उपद्रव देखनेको मिल रहा है और लक्ष्यपर बीजेपीके कार्यकर्ता, मतदाता केन्द्र संचालक है ।
बंगालकी कई सीटोंपर पांचवे चरणके अन्तर्गत मतदान हो रहे थे, हावडा भी एक ऐसी सीट है और इस सीटपर कई स्थानपर हिंसाके समाचार आए हैं !
हावडामें बीजेपीके एक मतदान अभिकर्त्ताको (पोलिंग एजेंट) टीएमसीके गुंडोंने पीटा है और उसे लहुलुहान कर दिया है, कई स्थानपर बलात वोटिंगके भी आरोप है !
विडियोमें आप देख सकते हैं कि केन्द्रपर किस प्रकारकी गुंडागर्दी चल रही है और साथ ही बीजेपीके एक मतदान अभिकर्त्ताको, जिसको लहुलुहान कर दिया गया है ।
बंगालमें गत ४ चरणोंके मतदानके समय भी हिंसा हुई थी, और पांचवे चरणके मतदानमें भी हिंसाका समय जारी है ।
लक्ष्यपर भाजपाके लोग हैं और सभी स्थानोंपर गुंडागर्दी मचानेका काम तृणमूल कांग्रेसके लोग कर रहे हैं । बंगालमें ममता बनर्जीका ही स्थानीय शासन है और इससे पूर्व जो पंचायत चुनाव हुए थे, उसमे भी प्रखर हिंसा की गई थी और लोकसभा चुनावोंमें भी ये हिंसा जारी है ।
ममता बनर्जी वही नेता है, जो नरेन्द्र मोदीपर लोकतन्त्रको समाप्त करनेका आरोप लगाती आई है; परन्तु बंगाल जहांपर उनकी राज्यमें सत्ता है, वहां लोकतन्त्रकी जो स्थिति है, वो समूचा विश्व देख रहा है ।
“बंगालमें इस प्रकार लोकतन्त्रकी हत्याको देखकर न्यायालयों और शासकगणोंका मौन, इस लोकतन्त्रकी वास्तविक स्थितिको दिखाता है । इसे कोई भी लींचिंगका नाम नहीं देता है, कोई भाईचारा संकटमें नहीं आता है, सभी वामपन्थी समाचार माध्यम मुखपर ताला लगाकर बैठ जाते हैं, इससे बोध होता है कि समूचे देशमें एक राष्ट्रविरोधी और हिन्दूविरोधी तत्त्व कार्यरत हैं, जिसका अन्त करने हेतु हिन्दुओंको स्वयं ही आगे आना होगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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