मई ६, २०१९
पश्चिम बंगालमें पत्रकारों व भाजपा कार्यकर्ताओंपर आक्रमणका प्रकरण थमनेका नाम नहीं ले रहा । चुनावके समय हो रही एकसे बढकर एक हिंसक घटनाओंके मध्य तृणमूल कांग्रेसके गुंडोंने एक बार पुनः पत्रकारोंपर धावा बोला । समाचारोंके अनुसार, बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आमडांगामें ‘न्यूज एक्स’के पत्रकार तपस सेनगुप्ता और उनके कैमरामैन सहित समूचा दल, चुनावको ‘कवर’ कर रहा था । तभी तृणमूलके गुंडोंने उनपर आक्रमण कर दिया । बंगालमें पांचवे चरणके अन्तर्गत बैरकपुरमें भी मतदान चालू है । ‘न्यूज एक्स’ दलके वाहनको भी हानि पहुंचाई गई और तोडफोड की गई । पत्रकार सेनगुप्ताको सिरमें चोट आई है ।
तपस सेनगुप्ता ‘न्यूज एक्स’के वरिष्ठ कोरेस्पोंडेंट हैं । उनके व उनके साथ कार्य कर रहे कैमरामैनके अतिरिक्त वाहन चला रहे चालकपर भी आक्रमण किया गया । भाजपाने एक राष्ट्रीय समाचार माध्यमके पत्रकारोंपर इसप्रकारके आक्रमणको लेकर मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीको उत्तरदायी बताया है । सेनगुप्ताने कहा कि उस स्थानसे हिंसाके समाचार आए थें, जिसका ज्ञान होनेपर वो लोग वहां गए थे; परन्तु तभी तृणमूलके कार्यकर्ता उग्र हो गए और उनपर आक्रमण बोल दिया । बंगाल पुलिसके सामने ही यह सब हुआ; परन्तु वो मूकदर्शन बनी रही और किसीने भी पत्रकारोंकी सहायता नहीं की ।
भाजपाने चुनाव आयोगसे ममता बैनर्जीकी पार्टीपर कार्यवाही करनेकी मांग की । भाजपाने पश्चिम बंगालके राज्य प्रशासनपर भी तृणमूलकी सहायताका आरोप लगाया । कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरीने इस घटनाकी निंदा करते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल जैसे राज्यके लिए एक कलंक है । उन्होंने टीएमसीको इसके लिए उत्तरदायी बताया । पत्रकारोंने जब तृणमूल नेताओंसे इसपर सम्पर्क करनेका प्रयास किया तो उधरसे कोई उत्तर नहीं आया ।
“तृणमूलका उपद्रव उजागर न हो; इसलिए ममता दीदीके गुण्डोंने पत्रकारोंपर ही आक्रमण कर दिया ! जिसप्रकारके कृत्य तृणमूलके आए दिन सामने आ रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि बंगाल कश्मीरकी ही भांति भारतसे अलग पडता जा रहा है और यदि इसे शीघ्र ही नहीं रोका गया तो वह दिवस दूर नहीं कि बंगालसे एक पृथक बंगालकी आवाजें उठने लगें; अतः राष्ट्रहितमें अब उच्चतम न्यायालय और निर्वाचन आयोगको कोई कठोर पग उठाना चाहिए ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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