मई ७, २०१९
पश्चिम बंगालमें पांचवें चरणके मतदानके अन्तर्गत कई सीटोंपर मतदान हुए और ऐसी ही एक सीट हावडाकी भी थी, जहां लोगोने मतदान किया । बंगालमें प्रत्येक चरणके मतदानमें गुंडागर्दी की जाती है, और इस मतदानमें भी यह प्रकरण चलता रहा ।
केवल कार्यकर्ता ही नहीं वरन तृणमूलके नेता, राज्यमें मन्त्री, विधायक, और सांसद सभी धौंस दिखानेमें और चुनावको प्रभावित करनेमें लिप्त हैं और ऐसे ही एक तृणमूल सांसद प्रसून बनर्जी भी है, जो २०१४ में हावडा लोकसभा सीटसे विजयी हुए थे और ये ममता बनर्जीके निकटवर्ती भी बताए जाते हैं ।
पांचवें चरणके समय जब मतदान हो रहा था, तब अधिकतर बूथपर सीआरपीएफ तैनात थी, फिर भी तृणमूलके कार्यकर्ता उपद्रवका कोई अवसर नहीं छोड रहे थे । जब कार्यकर्ताओंसे नहीं हो सका तो नेताजी सांसदका अहंकार लेकर स्वयं आ पहुंचे । सम्भवतः इन्होंने सोचा कि केन्द्रीय सुरक्षा बल भी बंगाल पुलिसकी भांति होगी, जिसे ये हडका देंगें; परन्तु सीआरपीएफने आज नेता जीकी हेकडी निकाल दी ।
#WATCH West Bengal: Scuffle breaks out between TMC's MP from Howrah, Prasun Banerjee and security forces at polling booth no. 49 & 50 in Howrah. #LokSabhaElections2019 #Phase5 pic.twitter.com/UOoZcEzUce
— ANI (@ANI) May 6, 2019
तृणमूल सांसद अब कह रहे हैं कि उनकी पीठको मार-मारकर लाल कर दिया गया है ।
TMC Howrah MP Prasun Bannerjee after clash with CRPF.. pic.twitter.com/m7szMeB4vt
— DharmaRakshak (@oldhandhyd) May 6, 2019
“तृणमूल नेताओंने जिसप्रकार इस मतदानमें वैधानिक व्यवस्थाका उपहास किया है और प्रत्येक स्थानपर उपद्रव किया है, उसके अनुसार नेताजी इसी दण्डके योग्य हैं ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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