मई ११, २०१९
किसीका जीवन एकाएक कैसे परिवर्तित होता है, वह सिद्धार्थके जीवनसे सीख सकता है, जो पहले एक धर्मनिरपेक्ष और साधारण मनुष्य ही था; उसने ब्रिटेनमें अपने परिवारके साथ धन अर्जन व जीवन यापनकी समूची व्यवस्था की थी । धर्मनिरपेक्ष सिद्धार्थ धीरे-धीरे अपने ही देशमें रहनेवाले कुछ कट्टरपन्थियोंकी संगतिमें आया । उसको ऐसा कुछ समझाया गया कि उसके लिए इस्लाम स्वीकार करना ही ठीक होगा, तदोपरान्त अपने परिवार आदिकी चिंता करनेवाला सिद्धार्थ धीरे-धीरे मृत्योपरान्तके संसारमें विश्वास करने लगा । उसने इस्लाम स्वीकार कर किया और निरतर ऐसी घटनाओंमें सम्मिलित पाया जाने लगा, जिसे ब्रिटेनमें अपराध माना जाता है और अन्तमें वो सीरिया चला गया !
उसको सीरियामें आतंकियों और फौजियोंका युद्ध इस्लामके लिए युद्ध लगा और वो परिवार लेकर सीरिया पहुंच गया ! दुर्दांत आतंकी जॉन जिहादीके मारे जानेके पश्चात उसकी गद्दी उसको मिली और वो इतना बडा आतंकी बन चुका था ! उसने अपना नाम अबू रुमैसाह रख लिया । २०१४ में रुमैसाहको यूकेसे पुलिस बन्धनसे कुछ समयके लिए मुक्ति मिली थी, जिसके पश्चात वह भागकर अपनी पत्नी और बच्चोंके साथ सीरिया चला गया था !
अमेरिकी विदेश विभागने कहा है कि माना जाता है कि वह जनवरी २०१६ में ‘आइएसआइएस’के उस वीडियोमें मुखौटाधारी आतंकी था, जिसमें ब्रिटेनके लिए जासूसीके आरोपी कई बन्दियोंके प्राण लिए थे । ‘सेक्स स्लेव’ बनाई गई एक यजीदी लडकी निहाद बरकातने मई २०१६ में ‘इंडिपेंडेंट’को बताया था कि उसका धारने ही अपहरण किया था और ‘आईएसआईएस’के गढ मोसुल ले गया था । उसकी बहनने ब्रिटिश सेनासे आग्रह किया कि वह उसके भाईको मारनेके लिए ड्रोनका उपयोग नहीं करें; क्योंकि उसके भाईकी बुद्धि भ्रमित कर दी गई है । ब्रिटिश मुस्लिम टीवीको दिए एक साक्षात्कारमें बरकतने बताया कि अबू बना सिद्धार्थ उन विदेशी योद्धाओंमें सम्मिलित था, जिन्होंने उसे यौन दासी बनाया था ! बरकतने बताया, ‘जब मुझे किरकुकके पास पकडा गया, तब वे मुझे मोसुलसे अन्य नेताके पास ले गए । उसका नाम अबू धर था । प्रत्येक दिवस वह मुझे कहता था कि मुझे दूसरे व्यक्तिसे विवाह करना है !”
“यह है इस्लामका परिणाम कि साधारण जीवन यापन करनेवाला सिद्धार्थ एक दुर्दान्त आतंकी बन गया ! धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति कब धर्मान्धोंके नियन्त्रणमें आ जाते हैं, उन्हें स्वयं नहीं ज्ञात होता है; क्योंकि उनके मनमें धर्मान्धोनके लिए एक दया होती है कि ये तो शोषित लोग हैं और इसीका लाभ धर्मान्ध उठाते हैं कि उसे एक जिहादी बना देते हैं ! ऐसी परिस्थितिमें धर्म ही मनुष्यकी सहायता कर सकता है । यदि सिद्धार्थ और उसके माता-पिताने धर्मपालन किया होता तो वह एक जिहादी आतंकी बनकर अपना जीवन नष्ट न करता; अतः सभी हिन्दुओंने हिन्दू धर्मको अपने जीवनमें उतारना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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