मई १७, २०१९
बिहारके गोपालगंजसे मजहबी उन्मादियोंका भयावह प्रकरण सामने आया है, जहां बारातमें बज रहे आर्केस्ट्राको हराम बताकर उन्मादियोंने बारातियोंके साथ मारपीट की तथा इसके पश्चात घरमें घुसकर आक्रमण किया । उन्मादियोंने इस मध्य चाकू भी चलाए तथा महिलाओं तकको नही छोडा तथा उनके साथ छेडछाड की !
बिहारके गोपालगंजके थावेमें स्थानीय थानेके बगहा निजामत बथान गांवमें गांवके ही कुछ धर्मान्धोंने बारातियोंके साथ लडाई-झगडा कर लिया । बादमें लोगोंने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था; परन्तु देर रात्रि लगभग दो बजे उन शरारती तत्त्वोंने चाकू-डंडेके साथ घरमें घुसकर आक्रमण कर दिया गया । इस मध्य उन्होंने महिलाओंके साथ छेडखानी की । इसका विरोध किया गया तो परिजनोंको मारपीट कर चोटिल कर दिया । चाकूबाजी कर आभूषण भी छीन लिए ।
चीखपुकार तथा हल्ला सुनकर जब आसपासके लोग दौडे तो सभी जातिसूचक शब्दके साथ अपशब्द करते हुए शरारती तत्त्व मारनेकी चेतावनी देकर भाग गए । पीडित महिलाने झूलन अहमद, साहिल मियां, मुन्ना मियां, सद्दाम मियां, खुर्शीद मियां, मो जाकिर और सोहराब अंसारीको प्राथमिकीमें आरोपी बताया है । थानाध्यक्ष विशाल आनंदने बताया कि महिलाके आवेदनपर प्राथमिकी प्रविष्ट कर ली गई है । अन्वेषण किया जा रहा है और साथमें आरोपियोंको बन्दी बनानेके लिए छापेमारी भी की जा रही है । शीघ्र ही सभी आरोपियोंको बन्दी बनाया जाएगा ।
“जिहादियोंमें इतना विष भरा है कि बदला लेनेके लिए घरमें घुसकर चाकू-डंडोंसे आक्रमण कर दिया और महिलाओंसे छेडछाड की और आभूषण लूटे ! आरोपी गांवके ही है । गांवोंमें पहले जिहादी आक्रमण करते थे और सब कुछ लूटकर ले जाते थे; आज भी वही हो रहा है, बस लूटनेका ढंग परिवर्तित हो गया है । ऐसी परिस्थियोंको देखते हुए यही कहा जा सकता है कि विषकारी जिहादी मानसिकताके लोग शान्तिप्रिय नहीं हैं और ये शान्तिप्रिय हिन्दू समाजके मध्यमें रहने योग्य भी नहीं हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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