धर्म परिवर्तनके पश्चात पिंजौर मदरसेमें निकाह रचाकर भ्रमित युवतीने उच्च न्यायालयसे मांगी सुरक्षा !!


जून १३, २०१९

हरियाणाके रोहतकसे एक संगठनके कार्यकर्ताकी १९ वर्षीय पुत्रीको समुदाय विशेषके एक युवक नबीलने अपहरणकर पिंजौरके मदरसेमें उससे निकाह कर लिया । इससे पूर्व समुदाय विशेषके लोगोंने युवतीका धर्म व नाम परिवर्तन करवाया । आरोपी युवक सोमवारको ही उसे पिंजौर ले गया था । उसी दिन पिंजौरके मदरसेमें युवतीका नाम परिवर्तन कर नया नाम रखा गया । इसके पश्चात दोनोंका निकाह पढा गया । अपने परिजनोंसे प्राणोंका संकट देख बुधवारको युवतीके नामसे उच्च न्यायालयमें सुरक्षाके लिए याचिका प्रविष्ट की गई, जिसमें कुछ लिखितपत्र पूरे करनेकी बात न्यायालयने कही है । इसपर १७ जूनको सुनवाई करेगी । वहीं युवतीके अधिवक्ताका कहना है कि उनकी याचिका विचाराधीन है, ऐसी स्थितिमें पुलिस युवक-युवतीको बन्दी बना सकती । उधर, प्रकरणको देख रहे डीएसपी हेडक्वार्टरका कहना है कि पुलिस दोनोंकी खोजमें लगी हुई है ।

युवतीके पिताका आरोप है कि आरोपी नबीलने षडयन्त्र करके उसकी पुत्रीका अपहरण किया । उन्होंने घरसे छह-सात तोले सोनेके आभूषण व ४०-५० सहस्र रुपयेकी नकदी भी ले जानेका आरोप लगाया था ।

समुदाय विशेषके युवकद्वारा लडकीका अपहरण करनेके प्रकरणमें मंगलवारको कुछ संगठनोंने लघु सचिवालयमें रोष प्रकट किया था और आरोपीको बन्दी बनानेकी मांग की थी । ये संगठन बुधवारको दिनभर आरोपी व युवतीकी खोजके लिए रणनीति बनाते रहे । इन संगठनोंसे जुडे पदाधिकारियोंका कहना है कि पुलिसद्वारा यदि शीघ्र आरोपी युवकका पता कर बन्दी नहीं बनाया गया तो वे कोई बडा पग उठानेको विवश होंगें । संगठनोंके पदाधिकारियोंका कहना है कि युवतीको सुनियोजित ढंगसे फंसाया जा रहा है । आनन-फाननमें धर्म परिवर्तन, नाम परिवर्तन और न्यायालयमें सुरक्षाकी मांग, ये सब पहलेसे निर्धारित था । उनका कहना है कि जिस मौलवीने यह निकाह करवाया है, वह पहले भी अत्यधिक संख्यामें युवतियोंका निकाह करवा चुका है । इसकी भी जांच होनी चाहिए ।

“इससे स्पष्ट है कि आप चाहे किसी भी संगठनसे हैं, यदि आप शास्त्रनुसार और सन्तोंके कथनानुसार धर्मपालन नहीं करते हैं, साधना नहीं करते हैं तो अपनी सन्तानोंको भी हिन्दू धर्मके प्रति गौरवान्वित नहीं कर सकते हैं । अतः आप किसी भी संगठनसे हों, साधना करें और बालकोंसे साधना करवाएं, जिससे वे जिहादियोंके चंगुलमें फंसकर अपना और माता-पिता व घरवालोंका जीवन नर्कमय न करें । “- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : अमर उजाला



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