जून १४, २०१९
बंगालकी मुख्यमन्त्री ममता बैनर्जीने कहा है कि बंगालमें रहनेके लिए बांग्ला बोलनी ही पडेगी ! शुक्रवार, १४ जूनको बैनर्जीने कहा, “हमें बांग्लाको आगे लाना होगा । ममता बैनर्जीने चेताया, बंगालमें रहना है तो बांग्ला भाषा बोलनी होगी । उन्होंने फिर कहा कि चिकित्सालयसे जुडे प्रदर्शनोंमें बाहरी लोग सम्मिलित हैं ।
ममताने कहा कि जब मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब जाती हूं तो वहां उनकी भाषामें बात करती हूं । यदि आप बंगालमें हैं तो आपको बांग्ला ही बोलनी पडेगी । मैं उन अपराधियोंको सहन नहीं करूंगी जो बंगालमें रहते हैं और बाइकपर घूमते हैं ।’
पश्चिम बंगालमें लोकसभा चुनावका आरम्भसे ही प्रारम्भ हुई हिंसात्मक घटनाएं अभीतक रुकी नहीं है । सत्तासीन दल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओंके मध्य आए दिन टकराव हो रहा है । इसके अतिरिक्त लोकसभा चुनावमें पश्चिम बंगालमें भाजपाका शानदार प्रदर्शन भी ममताके गलेमें फांसकी भांति अटका है । ऐसेमें भाषाको लेकर दिया गया बैनर्जीका यह वक्तव्य भाजपापर लक्ष्यकी भांति लिया जा रहा है ।
“शासन सम्भालनेमें फेल हुई ममता दीदी भाषा और क्षेत्रके नामपर लोगोंका विभाजन कर रही हैं । ममता दीदी, आप चिकित्सकों और सामान्य हिन्दुओंपर आक्रमण करनेवाले जिहादियोंको सहन कर सकती हैं और उनको नहीं जो मोटरसाइकिलपर घूमते हैं, ऐसे लोगोंकी बात लोगोंको क्यों माननी चाहिए । दीदी ! हम हिन्द देशके वासी सनातनी हिन्दू हैं । तमिल, मराठी, बंगाली आदि उपभाषाएं सभी मातृभाषा हिन्दीकी ही देन हैं; इसलिए हम हिन्दी भी बोलेंगें और अन्य उपभोषाओंका सम्मान भी करेंगें । कोई भी विभाजनकारी सत्तालोलुप नेता हमें यह नहीं सिखा सकता है ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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