जून १४, २०१९
माओवादियोंका पाकिस्तान सम्पर्क सामने आया है । शुक्रवार, १४ जूनको छत्तीसगढ पुलिसने उत्तर बस्तरके कांकेरमें मुठभेडके पश्चात माओवादियोंके पास जी-३ राइफल सहित अन्य शस्त्रादि मिले हैं । माओवादियोंसे जो राइफल मिली है, उसको पाकिस्तानी सेना प्रयोग करती है ! इस राइफलका प्रयोग भारतीय सेना नहीं करती हैं । माओवादियोंके पास विदेशी बंदूक मिलनेके पश्चात सुरक्षा विभाग चौकन्ना हो गए हैं । यह राइफल जर्मनीकी हेकलर एंड कोच कंपनी बनाती है ।
माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी आतंकी संगठन माओवादियोंके संपर्कमें हैं । इनका कार्य भारतमें विधान और व्यवस्थाको बिगाडना है । पाकिस्तानी सेना और उसके आतंकी संगठन खालिस्तानी आतंकवादियों सहित इनसे जुडे पृथकतावादी संगठनोंको शस्त्रादि अवैधानिक ढंगसे उपलब्ध कराते आ रहे हैं । माना जा रहा है कि अब पाकिस्तानी सेना और उसके आतंकी संगठनने माओवादियोंको शस्त्रादि उपलब्ध कराना आरम्भ कर दिया है ।
छत्तीसगढके डीजीपी डीएम अवस्थीने भी बताया कि माओवादियोंके पास मिली जी-३ राइफलका प्रयोग भारतीय सुरक्षा बल नहीं करते हैं । यह दूसरी बार है, जब माओवादियोंके पास पाकिस्तानी सेनाद्वारा प्रयोग की जाने वाली जी-३ राइफल मिली हैं ! इससे पूर्व गत वर्ष छत्तीसगढ पुलिसने सुकमामें मुठभेडके पश्चात नक्सलियोंके पास जी-३ राइफल मिली थी ।
गत वर्ष पुणे पुलिसनको अर्बन नक्सलियोंके प्रकरणकी जांचके समय एक पत्र मिला था । यह पत्र सुधा भारद्वाजद्वारा कामरेड प्रकाशको लिखा गया था । इसमें एक बैठकमें भाग लेनेवालोंका वर्णन था । इस पत्रमें कश्मीरी पृथकतावादियों और उनके संगठनोंका भी वर्णन था ।
इसमें लिखा था-, ‘कामरेड अंकित और कामरेड नवलखा कश्मीरी पृथकतावादियोंके संपर्कमें हैं । कश्मीरमें शत्रुओंद्वारा मानवाधिकार उल्लंघनके प्रकरणको सामाजिक प्रसार माध्यमों और प्रसार माध्यमोंकेद्वारा (मीडियाकेद्वारा) फैलाया जाना चाहिए । उच्चतम न्यायालयमें पैलेट गन प्रकरणमें वैधानिक सहायता दी जाएगी, जिसके लिए कामरेड प्रशांतसे सम्पर्क करना होगा ।’
‘आजतक’से वार्तामें पुणे पुलिसके एक वरिष्ठ अधिकारी भी उजागर कर चुके हैं कि कुछ माओवादी कश्मीरका भ्रमण कर चुके हैं और इनके कश्मीरमें पृथकतावादियों और आतंकियोंसे भी भेंट करनेकी आशंका प्रकट की जा चुकी है । इसके अतिरिक्त ‘अर्बन माओवादी’द्वारा पृथकतावादियों और उनसे जुडे लोगोंको वैधानिक सहायता देनेकी भी बात सामने आ चुकी है । इन सबके बदलेमें माओवादियोंको आतंकवादी शस्त्रादि उपलब्ध कराएंगें !
“यह एक चिन्ताका विषय है । नक्सलियों, अर्बन नक्सलियों और आतंकियोंका यह मेल भारतके लिए संकटकी सूचना है । भारत शासन त्वरित इसपर कडी कार्यवाही करे और सुनिश्चित करे कि अर्बन नक्सलियोंका कठोरतासे अन्त करें; क्योंकि इन सबके मध्य मध्यस्थताका कार्य यही लोग करते हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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